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फरीदाबाद: प्राइवेट अस्पतालों ने नहीं लगाई रेट लिस्ट, मरीजों के साथ मनमानी जारी

फरीदाबाद: प्राइवेट अस्पतालों ने नहीं लगाई रेट लिस्ट, मरीजों के साथ मनमानी जारी
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  • अपने नियंत्रण में लेकर इलाज कराए सरकार : मंच

फरीदाबाद। एक्शन इंडिया न्यूज़

हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने प्राइवेट अस्पतालों पर कोरोना को अवसर में बदलते हुए मरीजों से निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। मंच ने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री की घोषणा अगर प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना के इलाज के नाम पर मनमानी वसूली बंद नहीं की तो सरकार ऐसे तमाम प्राइवेट अस्पतालों का प्रबंधन अपने हाथ में ले।

मंच ने फरीदाबाद जिले के प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल व जिला उपायुक्त फरीदाबाद से मांग की है कि फरीदाबाद के सभी छोटे बड़े अस्पतालों के रिकॉर्ड की जांच की जाए जिससे पता चले कि उन्होंने कोरोना के इलाज में मरीजों से प्रतिदिन के हिसाब से बेड का कितना किराया व अन्य इलाज के लिए किस रेट से पैसा वसूला है। जांच में दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों की मान्यता रद्द की जाए और जिला प्रशासन उनको अपने नियंत्रण में लेकर मरीजों का इलाज जारी रखे। इसके अलावा प्रशासन प्रत्येक इलाज के लिए निर्धारित किए गए रेट की सूची व प्रतिदिन खाली बेड की जानकारी अस्पतालों में शीघ्र लगवाए। जिससे आगे तो प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर रोक लग सके।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के इलाज के लिए रेट निर्धारित कर रखे हैं लेकिन प्राइवेट अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज निर्धारित रेट से कई गुना राशि लेकर कर रहे हैं। आक्सीजन और सहायक सुविधाओं के साथ अलग बिस्तर के लिए एक मरीज से प्रतिदिन आठ हजार रुपये शुल्क लिया जा सकता है अन्य बीमारियों से ग्रसित ऐसे कोविड के मरीज, जिन्हें बिना वेंटीलेटर के आइसीयू की आवश्यकता है, उनसे प्रतिदिन के हिसाब से 13 हजार रुपये शुल्क लिया जा सकता है।


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