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हरियाणा से विदा हुआ मानसून, शुरू हुई सुबह-शाम की ठंड

हरियाणा से विदा हुआ मानसून, शुरू हुई सुबह-शाम की ठंड
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  • पांच जिलों में सामान्य से बहुत अधिक हुई इस बार बारिश
  • छह में सामान्य तो दो जिलों में सामान्य से कम हुई बारिश
  • 12 को कुछ स्थानों पर हो सकती है बूंदाबांदी


हिसार। एक्शन इंडिया न्यूज़


राज्य में मॉनसूनी व बेमौसमी बरसात के बाद अब मॉनसून की विदाई हो गई है। इसके साथ ही राज्य में 14 अक्टूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने के संभावना है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने शनिवार को बताया कि राज्य से आठ अक्टूबर को मॉनसून की विदाई हो गई है। इसके बाद 14 अक्टूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहना संभावित है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में 12 अक्तूबर रात्रि को उत्तर पाश्चिमी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गरज-चमक व हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि आठ अक्टूबर को मॉनसून की वापसी हुई है जो सामान्य वापसी से 13 दिन देरी से हो रही है। आमतौर पर 25 सितम्बर के आसपास ऐसा हो जाता है। पिछले वर्ष राज्य से मानसून की वापसी 30 सितम्बर को हुई थी। इस वर्ष मानसून राज्य के उत्तरी हिस्से में 13 जून को प्रवेश किया परंतु पूर्ण रूप से राज्य में 13 जुलाई को सक्रिय हुआ।


भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए डा. मदन खिचड़ ने बतााया कि मॉनसून पीरियड एक जून से 30 सितंबर तक माना जाता है परन्तु इस बार मानसून आठ अक्टूबर तक रहा। इस दौरान हरियाणा राज्य में सामान्य से 30 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इस दौरान राज्य में 571.3 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य बारिश 438.6 मिलीमीटर से 30 प्रतिशत अधिक दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में जुलाई माह में बारिश (253.1 मिलीमीटर) बारिश हुई जो सामान्य (155.3 मिलीमीटर) से 68 प्रतिशत ज्यादा, अगस्त माह में 81.9 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य बारिश (157.2 मिलीमीटर) से 48 प्रतिशत कम हुई तथा सितम्बर में बारिश 187.5 मिलीमीटर हुई जो सामान्य 78.6 मिलीमीटर से 139 प्रतिशत ज्यादा दर्ज की गई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में 9.6 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि इस सप्ताह में सामान्य बारिश 3.7 मिलीमीटर ही होती है।


हरियाणा राज्य में मानसून की बारिश वर्ष 2003 में 620 मिलीमीटर दर्ज हुई थी लेकिन इसके बाद इस वर्ष 2021 में 571.3 मिलीमीटर दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकडों का अध्ययन करे तो इस वर्ष मॉनसून की सबसे अधिक बारिश राज्य के पांच जिलों में सामान्य से बहुत अधिक जिनमें झज्जर में 102 प्रतिशत अधिक, फतेहाबाद में 89 प्रतिशत अधिक, सोनीपत 84 प्रतिशत अधिक, कैथल में 80 अधिक व हिसार में 79 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इसी तरह 9 जिलों में सामान्य से ज्यादा, 6 जिलों में सामान्य बारिश परंतु दो जिलों पंचकूला में 44 प्रतिशत व अम्बाला में 30 प्रतिशत कम तथा राजधानी चंडीगढ़ में 29 प्रतिशत सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

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