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जल्दी-जल्दी सिर दर्द होना हो सकता है मानसिक रोग का कारण, ना बरतें लापरवाही

जल्दी-जल्दी सिर दर्द होना हो सकता है मानसिक रोग का कारण, ना बरतें लापरवाही
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गाजियाबाद। एएनएन (Action News Network)

यदि आपको जल्दी-जल्दी सिर दर्द होने की शिकायत है तो इसे हल्के में ना लें बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें। यह मानसिक रोग का कारण हो सकता है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि मानसिक रोग चिकित्सक कहते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि न तो इसे छिपाने की जरूरत है और न ही शरमाने की।

नेशनल मेंटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत मानसिक रोगों का निशुल्क उपचार उपलब्ध है। मन विचलित रहता है। नींद नहीं आती और अक्सर बुरे ख्याल घेरे रहते हैं तो यह मानसिक रोग के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि सिर दर्द के और भी कई कारण होते हैं जैसे आखों की रोशनी कम होना, गैस बनना आदि। जिला एमएमजी अस्पताल परिसर स्थित पुराने महिला अस्पताल की बिल्डिंग में संचालित गैर संचारी रोग, एनसीडी विंग में जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ओपीडी होती है। एक रुपये की पर्ची बनवाकर जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में कंसलटेंट साइकेट्रिस्ट डा. साकेत नाथ तिवारी को ओपीडी में दिखा सकते हैं।

डा. तिवारी ने बुधवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि मानसिक रोगों की पहचान करने में लोग कई बार भूल कर देते हैं। ऐसा भी देखने में आता है कि रोग मानसिक हो सकता है। इस बात को स्वीकारने में लोग आनाकानी करते हैं। मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है। मानसिक रोग को कलंक कतई न मानें और न ही इसे छिपाने का प्रयास करें। बल्कि जितना जल्दी हो सके जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में संपर्क करें। यदि कोई मानसिक रोग से गंभीर रूप से पीड़ित है तो उसे अस्पताल लाने के लिए घर से सरकारी एंबुलेंस को कॉल करें। सबसे ज्यादा सिरदर्द के मरीज पहुंचते हैं।

जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के कंसलटेंट साइकेट्रिस्ट डा. तिवारी के मुताबिक उनके पास सबसे ज्यादा मरीज सिर दर्द की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। दरअसल लंबे समय तक सिरदर्द मानसिक रोग के कारण भी हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक केमिस्ट से सिर दर्द की दवा लेकर खाने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने बताया जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ में रोजाना 70 से 80 मरीज ओपीडी में आते हैं।

मानसिक रोग के लक्षण

  • नींद न आना या देर से नींद आना।
  • उदास या मायूस रहना।
  • चिंता, घबराहट या उलझन रहना
  • किसी काम में मन न लगना।
  • उल्टा-सीधा बोलना।
  • बात-बात पर गाली-गलौज करना।
  • गुस्सा बहुत अधिक आना।
  • बेहोशी के दौरे आना।
  • किसी प्रकार का नशा करना।
  • बेवजह शक से ग्रसित रहना।
  • सिर दर्द या भारीपन बना रहना।
  • बुद्धि का कम विकास होना।
  • आवश्यकता से अधिक सफाई करना।

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