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कुपवाड़ा-बांडीपोरा में नियंत्रण रेखा पर भारी हिमस्खलन, सेना के तीन जवान लापता

कुपवाड़ा-बांडीपोरा में नियंत्रण रेखा पर भारी हिमस्खलन, सेना के तीन जवान लापता
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पांच को बचाया गया, रेस्क्यू ऑपरेशन

जारीकुपवाड़ा। एएनएन (Action News Network)

कुपवाड़ा और बांडीपोरा जिलों की नियंत्रण रेखा से सटे करनाह और गुरेज सेक्टर में मंगलवार को हुए भारी हिमस्खलन में तीन सैन्यकर्मी लापता हो गए, जबकि इस दौरान पांच जवानों को बचा लिया गया है। बचाए गए जवानों में से तीन की हालत गंभीर है। इस हिमस्खलन में अग्रिम सैन्य चौकियों को भी नुकसान पहुंचा है। लापता जवानों की तलाश में बुधवार को भी अभियान जारी है।
कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर के अंतर्गत नियंत्रण रेखा के करीब स्थित ईगल पोस्ट के पास भारी हिमस्खलन हुआ।

इसमें चौकी का एक हिस्सा बर्फ में दब गया। इसमें दो जाट रेजीमेंट के चार जवान बर्फ में दब गए। हिमस्खलन रुकते ही सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने करीब तीन घंटे बाद दो जवानों को बर्फ के नीचे से जीवित निकाल लिया। दोनों की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें हेलीकाप्टर से तुरंत श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में पहुंचाया गया।बांडीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर के अंतर्गत बगतूर इलाके में भी हिमस्खलन हुआ है।

तेज हवाओं के साथ आए बर्फीले तूफान ने चार सैन्यकर्मियों को चपेट में ले लिया। तूफान के शांत होते ही सेना ने अत्याधुनिक सेंसर और खोजी कुत्तों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। तीन जवानों को बर्फ के नीचे से जिंदा निकाल लिया गया, लेकिन एक अन्य जवान का देत रात तक पता नहीं चला। उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में दो बार हिमस्खलन हुआ था। 18 नवम्बर को सियाचिन में हुए हिमस्खलन में चार जवान शहीद हो गए थे और दो सैन्य कुलियों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 30 नवम्बर को सियाचिन में आए हिमस्खलन में दो जवान शहीद हुए थे तथा छह को बचा लिया गया था।

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