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हिमाचल पुलिस स्काटलैंड यार्ड की तर्ज पर करेगी मॉडल स्थापित

हिमाचल पुलिस स्काटलैंड यार्ड की तर्ज पर करेगी मॉडल स्थापित
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  • पेशेवर तरीके से पूरी की जाएगी संगीन अपराधों की जांच : डीजीपी
  • नशा तस्करों की 15 करोड़ से अधिक की संपति जब्त

शिमला। एक्शन इंडिया न्यूज़

हिमाचल पुलिस विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि संगीन अपराधों की जांच तय समय में पेशेवर तरीके से पूरी हो। इसके तहत जो इंवेस्टीगेशन अधिकारी मर्डर, रेप, चोरी, महिला और बच्चों के विरु ध अत्याचार, मादक द्रव्यों या अन्य अपराध से जुड़े केसों की जांच में प्रोफेशनल है, उन्हे उसी तरह के केसों की जांच सौंपी जाएगी। डी.जी.पी. संजय कुंडू सोमवार को शिमला प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में बोल रहे थे।


उन्होंने कहा कि स्काटलैंड यार्ड की तर्ज पर पुलिस विभाग हिमाचल में भी एक मॉडल स्थापित किए जाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके तहत पेजिदा मामलों की जांच में फॉरेंसिक और सांइटिफिक तकनीकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिङ्क्षसग की जॉब चलैंजिग है। ऐसे में विभाग फोर्स के स्वास्थय की तरफ भी ध्यान दे रहा है। 20 से 30 फीसदी पुलिस कर्मी अवसाद, डायबिटीज के शिकार है। इसे देखते हुए जवानों का लगातार स्वास्थ जांच जा रहा है। इसके साथ ही विभाग ने इंफोस्टक्चर को भी मजबूत कर रहा है ताकि फोर्स को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके। सरकार ने 99 वाहनों को बदलने की अनुमति भी मिल चुकी है। डी.जी.पी. ने कहा कि विभागीय कर्मियों को पूरा सहयोग उन्हे मिला है और जनता को बेहतर कानून व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है।


डी.जी.पी. ने कहा कि मादक द्रव्यों की तस्करी रोकने और तस्करों पर शिंकजा कसने के लिए ठोस कदम उठाए है। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों की फाइनैंशियल इंवेस्टीगशन भी करवाई जा रही है। करीब 15 करोड़ से अधिक की संपति अटैच भी की जा चुकी है। जिला कुल्लू में 15 और कांगड़ा जिला में 5 मामलों के तहत संपति अटैच की गई है। पुलिस विभाग ई.डी. के साथ गैर कानूनी ढंग से अर्जित की गई संपति को अटैच कर रहा है। उन्होंने कहा कि अन्यों राज्य भी अब इसी दिशा में कदम उठा रहे है। इससे तस्करों में भी खौफ देखने को मिला है और कहीं तस्कर अपने बोरी बिस्तर बांध चुके है।


डी.जी.पी. ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जैसे ही सरकार पुलिस कांस्टेबल पद के नियम अधिसूचित करेगी, वैसे ही राज्य पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर देगी। प्रदेश में कांस्टेबल के 1350 पदों पर भर्ती होनी है। डी.जी.पी. ने कहा कि कांस्टेबलों के पदों को बढ़ाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है।


डी.जी.पी. ने कहा कि पुलिस जवानों की डाइट मनी बढ़ाने का मामला सरकार को भेजा गया है। इसी तरह एक माह का अतिरिक्त वेतन नए पे-स्केल के आधार पर दिए जाने और कांस्टेबलों को 8 साल के बदले अन्य नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर 3 साल बाद सभी वित्तिय लाभ दिए जाने का मामला भी सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है।


डी.जी.पी. ने कहा कि फर्जी डिग्री घोटाले में मुख्य आरोपित राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी को विदेश से वापस लाए जाने की दिशा में प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि राणा के खिलाफ अधिकतर जांच पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में अब तक डिग्री फर्जियां पाई जा चुकी है और ई.डी. भी कार्रवाई करते हुए करोड़ रु पए की संपति अटैच कर चुकी है। इसी तरह टैक्नामैंक घोटाले के मुख्य आरोपति आर.के. शर्मा को भी दुंबई से वापस लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच टीम ने बेहतर ढग़ से काम किया है।


डी.जी.पी. ने कहा कि पुलिस विभाग सडक़ हादसों में अंकुश लगाने के लिए भी प्रयास कर रहा है। इसके तहत वाहनों के कागजातों की पड़ताल करने के बदले ऐसे स्थानों पर फोर्स तैनात किए जाने को प्रमुखता दी जा रही है, जहां अधिक सडक़ हादसे सामने आते है। इसी तरह तेज रफ्तार और नशे का सेवन कर वाहन चालाने वालों पर भी शिंकजा कसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के प्रयासों से सडक़ हादासों में कटौती भी देखने को मिली है। संवेदनशील स्थानों पर कै्रश बैरियर लगाए जाने को भी कहा जा रहा है।


संजय कुंडू ने कहा कि प्रदेश में करीब साढ़े 6 हजार एन.डी.पी.एस केस कोर्ट में लंबित है। निर्देश दिए गए है कि वांरट की तामिल समय पर हो और जांच अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हो। उन्होंने कहा कि इसी तरह करीब साढ़े 8 हजार केस में ट्रायल शुरु नहीं हो पाया है। उच्च न्यायालय से आग्राह किया है कि केसों का ट्रायल जल्द शुरु हो।

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