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केन्द की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध सीटू का हल्ला बोल

केन्द की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध सीटू का हल्ला बोल
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कुल्लू । एक्शन इंडिया न्यूज़

केंद्र सरकार के जनविरोधी कानून और नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियन सड़कों पर उतर आई हैं। जिला मुख्यालय कुल्लू में ट्रेड यूनियन के बैनर तले आंगनबाड़ी, मिडडे मील वर्कर्स व अन्य योजनाओं के मजदूरों-कामगारों ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और कानून का विरोध किया।

उपायुक्त कार्यालय के बाहर मैदान में इस दौरान ट्रेड यूनियन के बैनर तले मनरेगा आंगनवाड़ी वर्कर मिड डे मील वर्कर और अन्य तमाम योजनाओं परियोजनाओं व निर्माण मजदूरों ने मिलकर धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के महासचिव राजेश ठाकुर व अन्य नेताओं ने कामगारों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जनविरोधी श्रम कानून लाकर गरीबों के साथ अन्याय किया है। श्रम कानून लाकर केंद्र सरकार ने यह साबित कर दिया है कि यह सरकार मजदूरों के हित में नहीं है बल्कि मल्टीनेशनल कंपनियों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि आंगनबाड़ी, मिडडे मील वर्करों का न्यूनतम वेतन 21000 रुपये किया जाए और साथ में ईपीएफ सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए। मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी अढ़ाई सौ रुपये से अधिक की जाए ताकि उनका गृहस्थ जीवन आसानी से चल सके।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है। जिसके चलते आज हिमाचल प्रदेश के हर जिलों में प्रदर्शन किए गए और केंद्र सरकार के नए श्रम कानून का विरोध किया गया।

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