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हिमाचल में भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे और 209 सड़कें बंद

हिमाचल में भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे और 209 सड़कें बंद
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  • 13 मकान और दो पुल भी क्षतिग्रस्त, लोगों को करना पड़ रहा है मुश्किलों का सामना

शिमला। एक्शन इंडिया न्यूज़

हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद भूस्खलन का दौर जारी है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी इलाकों में रोजाना भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। सोमवार को राज्य में भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे और 209 सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित रहा।

मंडी जोन में सर्वाधिक 109 सड़कें बंद रहीं। शिमला जोन में 82, कांगड़ा जोन में 11 और हमीरपुर जोन में सात सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा शिमला जोन में दो और शाहपुर में एक नेशनल हाईवे भी भूस्खलन से बाधित हुआ। अवरुद्ध नेशनल हाईवे और सड़कों को बहाल करने के कार्य में 168 जेसीबी, टिप्पर और डोजर लगाए गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक भूस्खलन से राज्य में 25 ट्रांसफार्मर ठप हुए, वहीं 13 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इनमें मंडी जिला में 10 और कांगड़ा, लाहौल-स्पीति व चंबा में एक-एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ। इसके अलावा 11 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुईं।

शिमला के रामपुर और किन्नौेर के टापरी में दो पुल भी भूस्खलन से धराशायी हो गए। रोहड़ू उपमंडल में टांगरू जांगलिक को जोड़ने वाला पुल भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया। इस कारण इस इलाके का संपर्क टूट गया है। हालांकि इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। किन्नौर जिला को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे जगह-जगह अवरुद्ध हो गया है। सोमवार सुबह उरनी ढांक के पास सतलुज नदी के ऊपर बने पुल पर भारी-भरकम पत्थर गिरने से पुल को भारी क्षति हुई है।

ऐसे में पुल से वाहनों की आवाजाही बंद कर हो गई है जिस कारण एनएच 5 पूरी तरह बंद हो गया है तथा प्रशासन ने सेब से लदे वाहनों को वाया चोलिंग-उरनी संपर्क मार्ग से डायवर्ट कर दिया है। हालांकि इस मार्ग पर वाहनों का जाम लग रहा है। रिकांगपिओ से पूह व स्पीति को जोड़ने वाले एनएच पर पुरवानी झूला,नेसंग पुल के पास भी पत्थरों का गिरना जारी है।

उधर, कुल्लू जिला के नेहरू कुंड में भूस्खलन से नेहरू कुंड-मनाली मार्ग अवरुद्ध हो गया है। राजधानी शिमला के बयोलिया में एक मकान का डंगा भरभराकर गिर गया। भूस्खलन की इस घटना में मेहली-शोघी बाईपास कई घंटों तक अवरुद्ध रहा।

उधर, राज्य की उच्च पर्वत श्रखंलाओं पर बर्फबारी का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। लाहोैल-स्पीति की कुंजुम चोटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। मौेसम के इस मिजाज से पर्वतीय इलाकों में हल्की ठंड महसूस की जा रही है।

मोैसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मैदानी एवं मध्यपर्वतीय इलाकों में अंधड़ व आसमानी बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी क्षेत्रों में 16 सितंबर और मध्यपर्वतीय इलाकों में 19 सितम्बर तक मौसम के खराब रहने का अंदेशा जताया है। मैदानी भागों में 17 व 18 सितम्बर को मौसम के साफ रहने का अनुमान है। वहीं उच्च पर्वतीय इलाकों में 15 से 19 सितम्बर तक मौसम साफ बना रहेगा।

इस बीच राजधानी शिमला व आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को मौसम साफ रहने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान मनाली में सर्वाधिक 97 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नादौन में 88, कोठी में 77, धर्मशाला में 57, देहरा-गोपीपुर में 54, करसोग में 38, तिंदर व गुलेर में 36-36, बंजार में 34, घुमरूर व नगरोटा सूरियांग में 31-31, बरठीं में 30, अंब में 24, सियोबाग में 23, गोदला में 22, केलांग में 21, पालमपुर में 20, सुजानपुर टीहरा, बैजनाथ व रामपुर में 19-19, सांगला व मशोबरा में 18-18, भरमौर, बंगाणा, बांगटू व बुआरा में 17-17, भरमौर, भोरंज, रिकांगपिओ व जोगेंद्रनगर में 16-16, कल्पा में 15, धर्मपुर, अर्की व नैना देवी में 12-12 मिमी बारिश हुई है।

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