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हिमाचल में 01 दिसम्बर से मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों में लगेंगी कक्षाएं

शिमला। एक्शन इंडिया न्यूज़

हिमाचल प्रदेश में पहली दिसम्बर से सभी मेडिकल कॉलेजों सहित नर्सिंग व पैरा मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। इसके तहत प्रथम व अंतिम वर्ष की कक्षाएं लगेंगी। इसके अलावा राज्य में नान कोविड मरीजों के उपचार में कोताही बरतने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने शुक्रवार को यहां पत्रकार वार्ता में दी।

स्वास्थ्य सचिव अवस्थी ने कहा कि कोरोना के लिहाज से हिमाचल के लिए आगामी 2 से 3 सप्ताह क्रूशियल है। राज्य में 15 दिसम्बर के बाद से कोरोना के मामलों में कमी आनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एक दिसम्बर से मेडिकल कॉलेजों, डेंटल कॉलेजों, नसिंग व पैरामेडिकल संस्थानों में धीमी गति से कक्षाएं लगेंगी। लेकिन 7 या 8 दिसम्बर से यह संस्थान पूरी गति से चलेंगे। कक्षाएं लगाने से पहले छात्रों को अपनी कोविड रिपोर्ट के साथ-साथ अभिभावकों से सहमति देनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के मरीजों को लाने-लेजाने के लिए तीन जिलों शिमला, मण्डी व कांगड़ा के लिए 30 अतिरिक्त एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करवाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि कई चिकित्सकों व अन्य मेडिकल कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ है, लेकिन कुछ चिकित्सक कोरोना की आड़ में ढिलाई बरत रहे हैं। ऐसे में सभी मेडिकल कॉलेजों के सीनियर कंसल्टेंट व अन्य संबंधित चिकित्सकों को हिदायत दी है कि यदि इसमें किसी भी तरह की कोताही पाई गई तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवस्थी ने कहा कि आईजीएमसी शिमला व डीडीयू अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए बिस्तरों की कमी नहीं है। गत दिन भी आईजीएमसी में 15 तथा डीडयू में 12 बिस्तरे खाली थे। इसके अलावा रामपुर के खनेरी अस्पताल में 20 तथा रोहड़ू में 30 से 40 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके अलावा कुल्लू अस्पताल में भी 50 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कोरोना के मरीजों के लिए एक दिसम्बर से कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि शिमला, नालागढ़ व टांडा में अगले दो सप्ताह में मेक शिफ्ट अस्पताल बन कर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन के अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। धर्मशाला जोनल अस्पताल में 100 व डीड यू में 50 अतिरिक्त सिलेंडर की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से भी कोरोना की जांच अनुमति देने की मांग आई है। पूरा मामला सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शनिवार से रोजाना कोरोना की जांच के लिए करीब 6 हजार टेस्टिंग होगी।उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में स्टॉफ की कमी नहीं होने दी जाएगी। डीडीयू अस्पताल शिमला वीडिया मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

  • 90 हजार से अधिक लोगों की हो चुकी स्क्रीनिंग

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि हिम सुरक्षा अभियान के तहत अभी तक 90 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इस कार्य में 8 हजार टीमें लगी हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनने, दो गज की दूरी रखने तथा लगातार हाथ धोते रहने या सेनेटाईज करते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में किसी को भी स्पेशल वार्ड उपलब्ध करवाना संभव नहीं है।

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