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हमीरपुर के करतार सिंह सोंखले पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित

हमीरपुर के करतार सिंह सोंखले पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित
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हमीरपुर। एक्शन इंडिया न्यूज़


हमीरपुर जिला के करतार सिंह सोंखले को पदमश्री पुरस्कार से, भारत के माननीय राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। हालांकि के पुरस्कार उनको पिछले वर्ष मिला था परंतु कोविड के चलते उन्हें इस वर्ष इसके लिए सम्मानित किया गया है।


हमीरपुर जिला के नादौन उपमंडल के नौहंगी के गांव के निवासी करतार सौखले बचपन से ही बांस को लेकर विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों को बनाने में माहिर थे। इस कलाकृति में भगवान की देन होने के साथ-साथ करतार सौंखले ने इस कला को एक नई दिशा देने के लिए कडी मेहनत की। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से 2019 में चीफ फार्मासिस्ट पद से सेवानिवृत करतार सौंखले ने अपनी नौकरी में व्यस्त होने के बावजूद अपने शौक और कला को जिंदा रखा।


प्रदेश के विभिन्न राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों समेत कई बडी हस्तियों को अपनी अदभुत कला से दांतों तले उंगलियां दबाने के लिए मजबूर कर चुके हैं, करतार सौंखले। जब वे महज 10 वीं कक्षा के छात्र थे, उस समय भी उन्होंने बांस और अन्य उपेक्षित सामान से शेर बनाकर सबको हैरान कर दिया था। सादा जीवन जीने और मृदु स्वभाव के मालिक सौंखले चाहते हैं कि उनकी कला को अगली पीढी तक पहुंचाया जाए तथा इस कला को जिंदा रखा जाए। सौंखले द्वारा बनाई गया कलाकृतियों में सबसे अदभुत कलाकृति बोतल के अंदर बनाई गई आकृतियां हैं। जिनको देखकर कोई भी व्यक्ति असमंजस में पड जाता है।


करतार सिंह सोंखले के द्वारा बनाई गई बांस की कलाकृतियां कई मशहूर आर्ट गैलरी की शोभा बन चुकी है। उनके मॉडलों में, हिमाचल के लगभग सभी मशहूर मंदिर, शिमला का चर्च, आइफल टावर, ताजमहल व बोतल में कैद नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति ऐपीजे अब्दुलकल्लाम आदि हैं। उनके इस आर्ट के प्रशंसकों में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर भी हैं।


करतार सौंखले ने बताया कि इस कला को बढाने के लिए उन्हें इस बात ने प्रेरित किया कि आने वालीे पीढी जिसे पुर्खों के रहन-सहन और औजारों जैसे गन्ने का रस निकालने वाले बेलन, हल आदि को रक्षित किया। इस तरह के माॅडल बनाकर नई पीढी को रूबरू करवा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जब वे 10 वीं कक्षा में थे, तभी उन्होंने शेर का माॅडल जलाने के लिए लाए गए बांस से बनाया था।


करतार सौंखले युवाओं को संदेश देते हैं कि अगर वे इस कला को व्यवसायिक नहीं बनाना चाहते हैं तो भी शौकिया तौर पर पर अपनाएं तथा वे अन्य जगह भटकने से बचें।


करतार सोंखले ने अपनी सफलता के लिए मीडिया को धन्यवाद दिया तथा इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा उनका नाम पदमश्री के लिए भेजने के लिए धन्यावाद किया और केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया।

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