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शिमला पहुंचकर राहुल गांधी ने दी वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि

शिमला पहुंचकर राहुल गांधी ने दी वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि
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शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। वीरभद सिंह ने गुरूवार को आईजीएमसी में अंतिम सांस ली थी। हिमाचल की राजनीति में वीरभद्र सिंह एक बड़ा नाम है। वीरभद्र सिंह के सहारे कांग्रेस ने हिमाचल में सतासीन होती रही है। उनके निधन से कांग्रेस ने एक बड़ा नेता खो दिया है।

शुक्रवार दोपहर एक बजे वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में लाया गया। इस दौरान भारी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे और वीरभद्र सिंह अमर रहे के नारों से समूचा कांग्रेस भवन गूंज गया। तिरंगे से लिपटा वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर चारों ओर से फुलों से सजाया गया। अपने लोकप्रिय नेता के निधन से कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं में गहरा शोक है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तिरंगे से लिपटे वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वीरभद्र सिंह के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।


पार्थिव शरीर को कांग्रेस भवन से वीरभद्र सिंह के पैतृक निवास रामपुर बुशहर ले जाया गया। रामपुर बुशहर में शनिवार को दोपहर तीन बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार होगा। दाह संस्कार से पहले राजदरबार में विक्रमादित्य सिंह का बुशहर रियासत के 123वें राजा के रूप में राजगद्दी पर राजतिलक किया जाएगा। राजपरिवार की प्रथा के अनुसार राजतिलक के बाद दाह संस्कार होता है। वीरभद्र सिंह का 13 साल की आयु में 122वें राजा के रूप में राजतिलक हुआ था।


वीरभद्र सिंह के निधन से कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। हिमाचल में अगले साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश कांग्रेस में वीरभद्र सिंह जैसा दूसरा कद्दावर नेता नहीं है, जिसकी पूरे प्रदेश में पैठ हो। पिछले चार दशक में यह पहली बार होगा कि कांग्रेस पार्टी बगैर वीरभद्र सिंह चुनाव लड़ेगी। वीरभद्र सिंह पहली बार 27 साल की आयु में वर्ष 1962 में कांग्रेस की टिकट पर सांसद बने थे। वर्ष 1983 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने। वीरभद्र सिंह छह बार मुख्यमंत्री रहे हैं। वह पांच बार सांसद और नौ बार विधायक बने। इसके अलावा वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे हैं। मौजूदा समय में वीरभद्र सिंह सोलन जिला के अर्की से कांग्रेस के विधायक थे। उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक हैं।


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