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कानून पहले ही बन जाता तो शायद इतनी गाय माता कटने से बच जाती : गौ सेवा संचालिता

कानून पहले ही बन जाता तो शायद इतनी गाय माता कटने से बच जाती : गौ सेवा संचालिता
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  • इस कानून से गौ तश्करों पर भी कसेगी नकेल

मथुरा । एएनएन (Action News Network)

यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा गौ हत्या पर निर्णय कानून से मथुरा के गौ सेवकों में हर्ष की लहर है। उन्होंने कहा है कि ऐसा कानून अपितु पूरे भारत में लागू हो जाए तो हमारी गौ माता पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगी। ऐसा कानून आने से प्रदेश में गौ तश्करों पर नकेल कसी जा सकती है। जब से गौ हत्या पर निर्णय कानून लागू हुआ है मथुरा में गौ तस्करी का एक भी अपराध पंजीकृत नहीं हुआ है, जिसकी हमें खुशी है।

गौरतलब हो कि, प्राचीन समय से ही अन्य पालतु पशुओं की तुलना में गाय को अधिक महत्व दिया जाता है। हालांकि वर्तमान में परिदृश्य बदला है और गौ धन को पालने का चलन कम हो गया है, लेकिन गाय के धार्मिक महत्व में किसी तरह की कोई कमी नहीं आयी है बल्कि पिछले कुछ समय से तो गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने तक मांग उठने लगी है।

गौहत्या को धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म हत्या के समान माना जाता है, हाल ही में उत्तर प्रदेश में तो गौहत्या पर सख्त कानून भी बनाया गया है। यूपी हरियाणा बॉर्डर पर कोटवन स्थित गौ सेवा धाम की संचालिका देवी चित्रलेखा ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा जो कानून बनाया गया है उसकी सराहना करते हुए हम उनके बहुत बड़े आभारी हैं यह कानून पहले ही बन जाता तो शायद इतनी गाय माता कटने नहीं जाती और यह केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि यह कानून पूरे भारत में बन जाए तो शायद हमारे यहां जो गाय माता रहती हैं वह सारी बच जाएंगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य पुराण के अनुसार गोमाता के पृष्ठदेश यानि पीठ में ब्रह्मा निवास करते हैं तो गले में भगवान विष्णु विराजते हैं। भगवान शिव मुख में रहते हैं तो मध्य भाग में सभी देवताओं का वास है।

गऊ माता का रोम रोम महर्षियों का ठिकाना है तो पूंछ का स्थान अनंत नाग का है, खूरों में सारे पर्वत समाये हैं तो गौमूत्र में गंगादि पवित्र नदिया, गौमय जहां लक्ष्मी का निवास तो माता के नेत्रों में सूर्य और चंद्र का वास है। कुल मिलाकर गाय को पृथ्वी, ब्राह्मण और देव का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन समय में गोदान सबसे बड़ा दान माना जाता था और गौ हत्या को महापाप।

यही कारण रहे हैं कि वैदिक काल से ही हिंदू धर्म के मानने वाले गाय की पूजा करते आ रहे हैं। गाय की पूजा के लिये गोपाष्टमी का त्यौहार भी भारत भर में मनाया जाता है। लेकिन जो गौ हत्या करते हैं उनको किसी भी प्रकार की दहशत नहीं थी और वह सरेआम गाय को भरकर अपने ट्रकों में ले जाते थे और गोकशी के लिए उन्हें बेच देते थे और इन्हें काटकर लोग खाते थे।

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