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आईआईटी का शिक्षा, शोध एवं विकास में उपलब्धियों भरा दशक

मंडी। एएनएन (Action News Network)

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने शिक्षा, शोध एवं विकास के साथ इनोवेशन, उद्यमशीलता एवं खेल सहित सभी क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियों के साथ 10 साल पूरे किए।

संस्थान की विशिष्ट सफलताओं के बारे में आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. टिमोथी गोन्ज़ाल्विस ने बताया कि आईआईटी मंडी की शुरुआत 10 वर्ष पहले शांत हिमालयी नदी घाटी में की गई। संस्थान ने शिक्षण की विशिष्ट प्रोजेक्ट प्रधान प्रक्रिया अपनाई। विभिन्न विषयों के तालमेल से शिक्षा देने का परिवेश बनाया। इस छोटी अवधि में संस्थान ने मानवीकी में इन्फोसिस पुरस्कार 2019, लिंग अनुपात में सभी आईआईटी से आगे, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन में 13 स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक, एनआईआरएफ रैंकिंग में हिमाचल की नंबर वन युनिवर्सिटी की उपलब्धि हासिल की।

उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में संस्थान निस्संदेह कई शिक्षा क्षेत्रों में ग्लोबल लीडर होगा। जुलाई 2009 में संस्थान के पहले बैच में 97 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ। वर्तमान में 125 शिक्षक, 1630 विद्यार्थी हैं, जिनमें 262 बी. टेक., 102 एम.एससी, 158 एम. टेक., 12 एम.ए., 307 पीएच.डी. और 19 आई-पीएचडी के विद्यार्थी हैं। पूर्व विद्यार्थियों की संख्या बढ़ कर 1135 हो गई।

संस्थान के सबसे विशिष्ट और आरंभिक पूर्व विद्यार्थियों में एक अथर आमीर खान, आई.ए.एस जो वर्तमान में जयपुर में नियुक्त हैं। उनका कहना है कि आईआईटी मंडी ने शिक्षा सत्र 2019-20 के अंडरग्रेजुएट कोर्स में 20.22 प्रतिशत छात्राओं का बी.टेक. प्रोग्राम में नामांकन कर एक बड़ा लक्ष्य हासिल किया है। आईआईटी मंडी की छात्राओं ने चौथे राष्ट्र स्तरीय कम्प्युटिंग हैकाथोन में पहला पुरस्कार प्राप्त किया। यह आयोजन एसोसिएशन ऑफ कम्प्युटिंग मशीनरी काउंसिल (एसीएम) ने किया।

कम्प्युटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के दूसरे वर्ष के बी.टेक. विद्यार्थी सुपरन्युमरी सीट के पहले बैच के विद्यार्थी हैं। आईआईटी मंडी के फैकल्टी डॉ. मनु वी देवदेवन को इन्फोसिस प्राइज 2019 के लिए चुना गया है, जिसके तहत 07 जनवरी, 2020 को स्वर्ण पदक के साथ प्रशस्ति पत्र और 100,000 अमेरिकी डालर मिलेगा।

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