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आरएसएस के 4300 स्वयंसेवक नि:स्वार्थ भाव से कर रहे सेवाकार्य

आरएसएस के 4300 स्वयंसेवक नि:स्वार्थ भाव से कर रहे सेवाकार्य
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शाहजहांपुर । एएनएन (Action News Network)

वैश्विक महामारी कोरोना की सबसे बड़ी मार असहाय व गरीबों पर पड़ी है। ऐसी विषम परिस्थितियों में सरकार के साथ देश के अनेक संगठनों ने गरीबों,असहाय व अपने गृह राज्य को वापस जाने वाले कामगारों की मदद करने का बीड़ा उठाया रखा है। शाहजहांपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 4300 स्वयंसेवक निरंतर सेवाकार्य कर कोरोना की जंग में अहम भूमिका निभाते हुए गरीब,असहाय, जरूरतमंदों व बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों व पशु-पक्षियों को भोजन पानी आदि खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं।विभाग प्रचारक कीर्ति कुमार ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा 25 मार्च को पूरे देश मे लॉक डाउन लागू किया गया था। ऐसे वक्त में संघ ने स्वंयसेवकों की मदद से भोजन के पैकेट, पानी, राशन किट आदि खाद्य सामग्री गरीबों व जरूरतमंदों को उपलब्ध कराये गए।

संघ के स्वयंसेवकों ने अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पैदल वापस घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों की पीड़ा को समझा। स्वंयसेवकों की मदद से संघ ने कई स्थानों पर शिविर लगाकर पैदल जा रहे श्रमिकों को भोजन के पैकेट, पीने का पानी आदि सामना उपलब्ध कराया। इसके अलावा स्वंयसेवकों द्वारा समाज के सहयोग से प्रतिदिन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को भोजन, पानी मुहैया कराया जा रहा है। कीर्ति कुमार ने बताया की कार्य की दृष्टि से विभाग को पांच इकाईयों को बांटा गया है और 4300 स्वंयसेवक सेवाकार्य का बखूबी से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरसंघचालक मोहन भागवत तथा सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के आह्वान तथा -
" तन समर्पित-मन समर्पित और यह जीवन समर्पित।
चाहता हूँ मातृ-भू-तुझे कुछ और भी दूँ "।
की भावना से हजारों स्वंयसेवक निरंतर सेवाकार्यो में लगे हुए हैं।

महानगर प्रचार प्रमुख यतीन्द्र चौहान ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विभाग कार्यवाह रवि मिश्रा तथा विभाग प्रचारक कीर्ति कुमार के निर्देशन में शाहजीपुर विभाग द्वारा विभिन्न संस्थानों व समाजसेवियों के सहयोग से 46 क्षेत्रो में अबतक 5,01,300 लोगो को भोजन के पैकेट, 27, 941 गरीब परिवारों को आटा, चावल, दाल, आलू, तेल आदि समान की राशन किट दी जा चुकी है। पैदल व श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से जाने वाले 62000 प्रवासी श्रमिकों को भोजन के पैकेट, पानी व मास्क आदि वितरित किये गए हैं।

उन्होंने बताया कि आपातकाल में बड़ी संख्या में निरीह पशु-पक्षियों के सामने दाने-पानी की समस्या उत्पन्न हुई। ऐसे में स्वंयसेवकों द्वारा सेवाकार्य करते हुए पशु पक्षियों को दाना-पानी दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार से कोई सहायता नहीं ली जाती, बल्कि समाज के सक्षम लोग खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करा देते हैं।महानगर कार्यवाह धर्मेंद्र जी ने कहा कि संघ द्वारा कोरोना से छिड़ी जंग में निर्णायक भूमिका अदा करने वाले 3,973 सफाई कर्मियों, 246 स्वास्थ्य कर्मियों, 1 हजार, 325 सुरक्षा कर्मियों व 174 मीडिया कर्मियों को सम्मानित कर उनका उत्साहबर्धन किया गया है।

'दो गज की दूरी' का पालन कर सेवा कार्य में जुटे स्वंयसेवक

प्रारंभिक काल से ही संघ की पहचान एक अनुशासित संगठन के रूप में रही है। यही वजह है कोरोना को हराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिये गए 'दो गज की दूरी' मंत्र का पालन करते हुए स्वंयसेवक दिन रात नि:स्वार्थ भाव से गरीब असहायों की मदद कर रहे है। विभाग कार्यवाह रवि मिश्रा ने बताया कि सेवा कार्य की रूपरेखा बनने में पांचों इकाइयों के जिला कार्यवाह और जिला प्रचारकों की भूमिका अहम रही है तथा रूपरेखा को साकार करने के लिए ब्लॉक, नगर व जिला स्तर पर पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉलिंग के जरिये बैठक कर सेवा कार्य को सफल बनाया जा रहा है।

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