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लॉकडाउन : 'परोपकाराय पुण्याय, पापाय परपीडनम्' के संकल्प को साकार कर रहा 'विहिप'

  • विश्व में कोरोना से सबसे पहले भारत मुक्त होगा-विहिप

लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

“परोपकाराय पुण्याय, पापाय परपीडनम्’’ वेद-उपनिषदों के इस सार को आधार मानकर कोरोना महामारी से बचाव के लिए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) सेवा कार्यों के जरिए समाज के सुदृढ़ीकरण में लगा हुआ है। इस महामारी में विहिप हिन्दू समाज के सामने 'वटवृक्ष' की तरह खड़ा है। विहिप कार्यकर्ता समाज के बीच जाकर भोजन, मॉस्क, सैनेटाइजर, काढ़ा पैकेट तथा राहत साम्रगी के साथ कुशलक्षेम पूछकर उन्हें 'छाया' दे रहे हैं। यहां तक रोजाना सब्जी भी पहुंचे इसकी भी चिंता की जा रही है।

हिन्दू समाज के बीच 'धर्मो रक्षति रक्षित:' की संकल्पना लेकर कार्य करने वाला संगठन आज वैश्विक महामारी में कोई भूखा न सोए, इस कार्य में दिन-रात जुटा हुआ है। कोरोना से मानव समाज के साथ जीव-जन्तुओं को बचाना भी विहिप की चिंता है। कोई भूखा न सोए, सबका उपचार हो, इस विषाणु (कोरोना) से लड़ने के लिए सबकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़े​, जैसे कार्यो को लेकर विहिप 24 घण्टा कार्यशील है। अवध के 22 जिलों के 54 स्थानों पर भोजनालय चलाया जा रहा है। विहिप की ओर से वानर, श्वान, पशु-पक्षी को भी भोजन मिले, इसकी चिंता की जा रही है। इस लॉकडाउन में विहिप ने अपनी सभी सहयोगी संगठनों को जुटा रखा है। दुर्गावाहिनी से जुड़ी बहनें भारतीय समाज के लिए दिन-रात अपने घरों में मॉस्क तैयार कर रही हैं, जिसे बजरंग दल से जुड़े युवा समाज के ​बीच वितरित कर रहे हैं। अब तक विहिप की ओर से सिर्फ अवध प्रान्त में करीब 51 हजार मॉस्क तथा 13,600 सैनेटाइजर का वितरण किया जा चुका है।

विहिप की ओर से अयोध्या, सीतापुर, हरदोई जैसे कई नगरों में वानरों को चना मक्का व गेहूं दाना मुहैया कराया जा रहा है। सरयू तट पर रहने वाले साधू व अन्य वर्ग के लिए भोजन सेवा भी प्रारम्भ किया गया है। नित्य 1500 से ज्यादा भोजन पैकेट मुहैया कराया जा रहा है। विहिप ने जरूरतमंद लोगों के लिए हेल्पलाइन नम्बर-8858047867, 9918220999 व 941541525 जारी किया है। इस नम्बर पर सम्पर्क कर अपनी आवश्यकता बताने पर आवश्यक सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है।

विहिप अवध प्रान्त के संगठन मंत्री राजेश सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि इस सेवा कार्य का उद्धेश्य है कि 'कोई भूखा न सोए'। इस भीषण महामारी के चलते असहाय जरूरतमंद लोगों के लिए किए जा रहे सामाजिक सहयोग से अब तक 01 लाख, 40 हजार 202 भोजन पैकेट, 50449 मॉस्क, 12400 सैनिटाइजर, 15982 पैकेट राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अवध प्रान्त के 104 नगर के 196 स्थानों पर 1446 कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्य में जुटे हुए है। दुर्गावाहिनी की ओर से घर-घर में बहनें मॉस्क तैयार कर रही हैं। विहिप के प्रयास से सैकड़ों मठ-मंदिरों के साधु-संत भी सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।

राजेश सिंह ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद का सेवा विभाग प्रचार मुखी नहीं है पर इस तरह के कार्यक्रमों से विहिप द्वारा चलाए जा रहे लक्षाधिक कार्यां का एक नमूना साधारण जन-मानस की जानकारी में देने से वंचित समाज को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि पूरे समाज से अपील है कि शत-प्रतिशत लॉकडाउन का पालन करें। शारीरिक दूरी बनाये रखें। तकनीकी माध्यमों से समाज से जुड़े रहें और उनकी पी​ड़ा को दूर करने के लिए जो कुछ कर सकते हैं उसे सेवा भाव से करें। कहा कि इस युद्ध में हम जीतेंगे। विश्व में कोरोना से सबसे पहले भारत मुक्त होगा, यह हमारा दृढ़ विश्वास है।

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