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स्मृति ईरानी ने साधा राहुल गांधी पर निशाना, कहा- वो 'वीआईपी किसान' हैं

स्मृति ईरानी ने साधा राहुल गांधी पर निशाना, कहा- वो वीआईपी किसान हैं
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को गुजरात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. इस दौरान स्मृति ने राहुल गांधी को 'वीआईपी किसान' बताया. दरअसल पंजाब में चल रही ट्रैक्टर यात्रा से राहुल गांधी की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह एक ट्रैक्टर पर एक गद्दी वाली सीट पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं.

राहुल गांधी की उसी तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, "जो व्यक्ति एक सोफा लगाकर ट्रैक्टर पर विराजमान है, वो व्यक्ति कभी भी ऐसी व्यवस्था का समर्थन नहीं करेगा जो किसानों को बिचौलियों से मुक्त करती हो."

केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि राहुल गांधी ने आज कहा कि हम सत्ता में आते हैं तो तीनों बिलों को फाड़ देंगे, तो उन्होंने जवाब में कहा कि संसदीय परंपरा का अपमान करना उनकी फितरत है.

ये वो शख्स है जिसने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वाया लाया गया अध्यादेश फाड़ दिया था, इनसे भारत की संसद का सम्मान अपेक्षित करना संभव नहीं है. देश की जनता जब तक है, तब तक राहुल गांधी का सपना पूरा नहीं होगा.

स्मृति ईरानी से जब हाथरस की घटना से जुड़ा सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हाथरस को लेकर मैंने अपना बयान दे दिया है. एसआईटी बन चुकी है. राज्य सरकार ने केस को सीबीआई को सौंप दिया है. जब तक इस मामले में सीबीआई अपना बयान नहीं देती है तब तक इस मामले में सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर बयान देना संभव नहीं है.

अपनी बात जारी रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक महिला राजनेता के तौर पर मेरा विभाग महिला और बालकल्याण है, नेशनल कमीशन फॉर विमेन के पास फिलहाल 7000 केस हैं, जबकि बच्चों के राइट्स के 13000 केस हैं. हमारे डिपार्टमेंट की ये कोशिश है कि हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं.

स्मृति ईरानी ने आगे कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है, उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में ना सिर्फ एक्शन लिया गया है, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले उसकी पूरी कोशिश करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है. साथ ही उन्होंने एसपी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है.

विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि राजनीतिक दल इसके जरिए दंगा फैलाने का काम कर रहे हैं. लोग चाहते हैं कि जातिगत दंगा भड़के लेकिन मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश की जनता इस तरह की जातिगत टेंडेंसी को अपना समर्थन नहीं देगी.

आधी रात को शव के अंतिम संस्कार से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार से नेशनल कमीशन फॉर विमिन ने इस पर पूरी रिपोर्ट मांगी है. जब तक वो रिपोर्ट मेरे पास नहीं आती है तब तक मैं कुछ नहीं कह सकती हूं. लेकिन मुख्यमंत्री से बात हुई तो उन्होंने मुझे आश्वस्त किया है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई अफसर भी इसमें दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ये एक एक्टिव इन्वेस्टिगेशन थी, जिसे अब सीबीआई को सौंप दिया गया है. सीबीआई के प्रवक्ता ही इस मामले में ज्यादा बता पाएंगे.

निर्भया के वक्त कानून बनाने से जुड़े सवाल पर स्मृति ईरानी ने कहा कि मोदी सरकार ने गैंगरेप को लेकर सख्त कानून बनाए हैं. यूपीए सरकार के वक्त निर्भया फंड की बात की गई थी, लेकिन यूपीए सरकार में एक भी पैसा निर्भया फंड में आया नहीं है. केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार को नहीं दिया गया है. हमारी सरकार ने 9000 करोड़ के फंड राज्यों को दिए हैं. सभी रेप पीड़िता को न्याय मिले इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई हैं. लॉ एंड ऑर्डर राज्यों का इश्यू है. फिर भी हम इंश्योर करते हैं कि महिलाओं को पूरी तरह से मदद मिले.

स्मृति ईरानी से जब पूछा गया कि निर्भया के वक्त आपने मनमोहन सिंह को चूड़ी भेजने की बात कही थी तो उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में पहली बार हुआ कि कांग्रेस के पूर्व सांसद और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के इशारे पर मेरे आसपास लोग एक बिहाता की चूड़ियां मांग रहे हैं, लेकिन हां जब मैं पॉलिटिकल एक्टिविस्ट के नाते महिलाओं को मुद्दा उठाती थी, तब मैंने कहा था कि मैं चूड़ी मनमोहन सिंह को भेजना चाहती हूं. चूड़ी महिलाओं के सामर्थ्य का प्रतीक है. इसलिए मैंने उस वक्त भेजना चाहा जो विश्वविख्यात थे, सोनिया गांधी के पॉलिटिकल रिमोट के तौर पर, जिसमें सामर्थ्य नहीं था. निश्चित रूप से मैंने उन्हें महिला का सामर्थ्य दिखाने का प्रयास किया था.

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