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धान की खरीदारी राज्य सरकार ही करेगी: चंद्रशेखर राव

धान की खरीदारी राज्य सरकार ही करेगी: चंद्रशेखर राव
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हैदराबाद। एक्शन इंडिया न्यूज़

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि चालू खरीफ मौसम से संबंधित धान की खरीदारी राज्य सरकार स्वयं करेगी। धान की खरीदी के लिए राज्यभर के गाँवों में 6 हजार,408 केंद्रों का गठन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि फिर से बड़े पैमाने पर कोरोना मामलों को देखते हुए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी गाँवों में ही धान खरीदने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में 52 लाख,76 हजार एकड़ भूमि में धान की खेती की गयी।

लगभग 1 करोड़,17 लाख मीट्रिक टन मोटा चावल और 21 लाख मीट्रिक टन बारीक चावल बाजारों में आने की उम्मीद की जा रही है।

केसीआर ने अपने आवास प्रगति भवन में कृषि, विपणन व नागरिक आपूर्ति विभागों से संबंधित मामलों की समीक्षा की। बैठक के दौरान कपास खेती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में उगायी जाने वाली कपास की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक माँग है।

तेलंगाना में गुणवत्तापूर्ण कपास का उत्पादन हो रहा है। इसे निश्चित रूप से अधिक दर मिलेगी।

इस बात को ध्यान में रख कर अगले वर्षाकाल के मौसम से 75 से 80 लाख एकड़ में कपास की खेती की सलाह दी गई है।

उन्होंने कृषि विभाग को आगामी वर्षाकालीन मौसम में बड़े पैमाने पर कपास की खेती के लिए आवश्यक बीज तैयार रखने आदि के आदेश दिये।

उन्होंने अधिकारियों को 20 से 25 लाख एकड़ भूमि में तूअर उगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिये।

समीक्षा बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक, बैठक में कृषि मंत्री एस. निरंजन रेड्डी, पंचायतराज व ग्रामीण विकास मंत्री एरबेल्ली दयाकर राव, महिला शिशु-कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़, सरकार के मुख्य सचिव सोमेश कुमार व अन्य संबंधित उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री केसीआर ने वित्त विभाग को किसानों से धान खरीदी के लिए आवश्यक 20 हज़ार करोड़ रुपये का बैंक गारंटी देने के लिए तत्काल सभी आवश्यक कदम को उठाने के आदेश दिये।

उन्होंने सभी गाँवों में तत्काल खरीदी केंद्रों का गठन करने के लिए जिलाधीशों से आपात वीडियो कॉन्फ्रेंस कर आवश्यक आदेश देने के निर्देश मुख्य सचिव को दिये। साथ ही कृषि मंत्री से धान खरीदी केंद्रों के गठन व धान खरीदी प्रक्रिया पर लगातार नज़र रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कृषि, विपणन व नागरिक आपूर्ति विभागों को पूरे समन्वय से काम करने के आदेश देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य संबंधी सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने का सुझाव दिया।

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