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हरियाणा: करनाल में किसान आंदोलन समाप्त

हरियाणा: करनाल में किसान आंदोलन समाप्त
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  • हरियाणा सरकार ने आयुष सिन्हा को एक माह की छुट्टी पर भेजा
  • हाईकोर्ट के पूर्व जज एक माह में करेंगे जांच

चंडीगढ़। एक्शन इंडिया न्यूज़


हरियाणा सरकार करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच करवाने के लिए तैयार हो गई है। करीब छह घंटे तक चली बैठक के बाद किसानों तथा प्रशासन के बीच समझौता हो गया है जिसके बाद शनिवार को किसानों ने करनाल में चल रहा धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। सरकार ने विवादित आईएएस आयुष सिन्हा को एक माह की छुट्टी पर भेज दिया है।


हरियाणा के करनाल में बीती 28 अगस्त को भाजपा की बैठक का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया था। इस लाठीचार्ज से पहले करनाल के एसडीएम आईएएस आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हु था जिसमें वह डयूटी मजिस्ट्रेट होने के नाते किसानों के सिर फोड़ने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे थे। एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने सात सितंबर को करनाल में महापंचायत की थी। इस महापंचायत के बाद किसानों ने करनाल के लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। धरने के दौरान किसानों के साथ कई बार वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनी।


शुक्रवार की रात वरिष्ठ आईएएस देवेंद्र सिंह देवेंद्र सिंह ने मोर्चा संभाला। करनाल के जिला उपायुक्त, आईजी ममता सिंह व अन्य अधिकारियों की भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी तथा अन्य नेताओं के साथ कई घंटे बैठक चली। बैठक के बाद देवेंद्र सिंह ने कहा कि 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर हुए घटनाक्रम की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज से करवाई जाएगी। यह जांच एक माह के भीतर पूरी होगी। जब जांच चलेगी तब तक तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा अवकाश पर रहेंगे।


देवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक किसान सतीश काजल के परिवार के दो सदस्यों को करनाल में डीसी रेट के आधार पर स्वीकृत पदों पर नौकरी देने के लिए तैयार है। नौकरी की प्रक्रिया दो सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रस्ताव को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने स्वीकार कर लिया है। इस अवसर पर बोलते हुए गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह किसानों के संघर्ष की जीत है। हमें उम्मीद है कि हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज द्वारा इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने इस फैसले पर अपनी सहमति दे दी है। चढूनी ने कहा कि अब अगली बैठक दिल्ली मोर्चे पर होगी। उन्होंने कहा कि पहले जिस तरह से बसताड़ा टोल पर धरना था वह जारी रहेगा। पहले की तरह भाजपा-जजपा नेताओं का घेराव जारी रहेगा।

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