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चीन सीमा की बर्फीली पहाड़ियों पर ‘जमने’ को भारतीय सैनिकों की तैयारियां पूरी

चीन सीमा की बर्फीली पहाड़ियों पर ‘जमने’ को भारतीय सैनिकों की तैयारियां पूरी

नई दिल्ली । एक्शन इंडिया न्यूज

लद्दाख सरहद पर चीनी सेना से मोर्चे के लिए भारतीय सेनाओं की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। वायुसेना के परिवहन विमानों से सैनिकों की जरूरत का सामान लेह-लद्दाख पहुंचा दिया गया है। आने वाले दिनों में बर्फबारी से रास्ते बंद होने से पहले भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक लेह-लद्दाख पहुंच चुके हैं। हालांकि इससे पहले ठंड के दिनों में सड़कों को छह महीने के लिए बंद कर दिया जाता था लेकिन अब इस अवधि को घटाकर 120 दिन कर दिया गया है।

सैनिकों के लिए सामानों का स्टॉक करने में लगे सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भारत एलएसी पर लम्बी तैनाती नहीं चाहता लेकिन अब ऐसी स्थिति बन रही है तो हम भी उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। आने वाले दिनों में बर्फबारी और भीषण ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए सेना ने पर्याप्त मात्रा में आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक कर लिया है। चीन सीमा की अग्रिम चौकियों तक जरूरी हथियार, राशन और साजो-सामान पहुंचाने के लिए वायुसेना के परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर और अमेरिकी हेलीकॉप्टर चिनूक को लगाया गया है। सी-17 ग्लोब मास्टर से सर्दियों के कपड़े, टेंट, हीटिंग उपकरण और राशन लेह-लद्दाख लाया गया है।

भारतीय सेना के लोकेशन पर भेजे गए टेंट माइनस 50 डिग्री तक तापमान को झेलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय सेना के राशन गोदाम एलएसी माउंट पर भरे हुए हैं। लेह में सेना का ईंधन डिपो तेल टैंकर लाइन से भरा हुआ है। सेना ने राशन, गरम कपड़े, उच्च ऊंचाई वाले टेंट और ईंधन का भी बड़े पैमाने पर स्टॉक कर लिया है। फ्रंटलाइन पर तैनात हर जवान को अत्याधुनिक शीतकालीन कपड़े और तंबू दिए गए हैं।

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