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पी0एम0 के संबोधन पर बुद्धिजीवियों ने मुंगेर जिले में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की मांग शुरू कीं , बंद पड़े पत्थर उद्योग को चालू करने की भी मांग उठीं

पी0एम0 के संबोधन पर बुद्धिजीवियों ने मुंगेर जिले में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की मांग शुरू कीं , बंद पड़े पत्थर उद्योग को चालू करने की भी मांग उठीं
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मुंगेर । एएनएन (Action News Network)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीती शाम राष्ट्र् के नाम संबोधन पर मुंगेर जिले में बुद्धिजीवियों ने जिले में अर्थ व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभिन्न उद्योगों की स्थापना की मांग शुरू कर दी है । मुंगेर जिले में फुड प्रोसेसिंग यूनिटों की स्थापना, डेयरी उद्योग, कृषि आधारित अन्य उद्योग, मछली पालन उद्योग, तिलौरी, बरी, पापड़ उद्योग, दाल, चावल और सरसों तेल के मिलों की स्थापना, अगरवत्ती, मोमवत्ती निर्माण इकाईयों की स्थापना की मांग उठने लगी हैं । जिले के बन्द पड़े पत्थर उद्योग को चालू करने की भी मांग उठने लगी हैं । प्रधनमंत्री के संबोधन में लोकल के वोकल बनने की जरूरत को हरेक वर्ग ने सराहा है ।

भारतीय जनता पार्टी की अनुशासन और कार्य समिति के सदस्य वीरेन्द्र यादव, भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव मंडल, जनता दल यू के नेता व विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी जियाउर रहमान, मुंगेर के अधिवक्ता मनोज यादव और अन्य ने प्रधानमंत्री से मुंगेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की जरूरत बतायी हैं । मुंगेर के राजद विधायक विजय कुमार विजय ने यू ंतो प्रधानमंत्री के संबोधन को ‘हवा-हवाई‘ की संज्ञा दी है,परन्तु उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की है कि जिले में केन्द्र सरकार पत्थर आधारित उद्योग को पुनजीर्वित करंे । हजारों मजदूरों के हाथ को रोजगार मिल जायेगा।

जिले में तालाब और गंगा की उपलब्धता को देखते हुए फिसरी उद्योग की स्थापना की जरूरत बताई हैं । सभी ने आशा व्यक्त की है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार को किसानों, जन-प्रतिनिधियों, विधायकों, छात्रों, व्यापारियों से परामर्श लेने की काररवाई शुरू कर देनी चाहिए ।

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