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रूस-यूक्रेन यु्द्ध का 47वां दिन: यूक्रेन ने रूसी सैनिकों की बर्बरता पर दुनिया का ध्यान खींचा

रूस-यूक्रेन यु्द्ध का 47वां दिन: यूक्रेन ने रूसी सैनिकों की बर्बरता पर दुनिया का ध्यान खींचा
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कीव। एक्शन इंडिया न्यूज़

यूक्रेन पर रूस के हमले के 47 दिन हो चुके हैं। यूक्रेन ने रूसी सैनिकों की बर्बरता की बड़ी घटनाओं की ओर दुनिया का ध्यान आकृष्ट करने के लिए दावा किया है कि बूचा में रूसी सैनिकों ने 25 महिलाओं व युवतियों को बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया था। इनमें से ज्यादातर युवतियां अब गर्भवती हैं।

यूक्रेन की संसद की मानवाधिकार आयुक्त का दावा है कि बूचा में महज नरसंहार ही नहीं हुआ, बल्कि वहां महिलाओं के साथ भी ज्यादती हुई है। बूचा में रूसी सैनिकों ने 25 महिलाओं व युवतियों को बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया था। उन्होंने बताया कि इन 25 युवतियो को एक बेसमेंट में बंधक बनाकर रखा गया था। इनमें से कुछ युवतियों की उम्र तो 14 से 24 साल के बीच थी। उनके साथ लगातार कई दिन तक मानसिक व शारीरिक शोषण किया गया। इनमें से ज्यादातर युवतियां अब गर्भवती हैं।

साथ ही यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री ने 500 से ज्यादा यूक्रेनी महिलाओं को रूसी सेना द्वारा कैद किये जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इन महिलाओं को बैठने तक की अनुमति नहीं दी जाती। उनके बाल कटवा कर उनके साथ बहुत खराब व्यवहार किया जा रहा है। इस बीच यूक्रेन की सेना का चौंकाने वाला दावा सामने आया है।

यूक्रेनी सेना की एक रेजीमेंट ने कहा है कि मैरियूपोल पर रूसी सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर हवा से जहरीले पदार्थ गिराए थे। इस कारण सांस लेने में भी समस्या हो रही थी। सैन्य अधिकारी इसे रूस के सैनिकों द्वारा रासायनिक हथियारों का पहला प्रयोग मान रहे हैं। इन शिकायतों के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हथियारों की मांग की है। पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यूक्रेन में लोग मर रहे हैं और हमें हथियारों की आपूर्ति समय पर नहीं की जा रही है।

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