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सितंबर 11 जैसे आतंकी हमलों का समाधान भारत के मानवीय मूल्य: मोदी

सितंबर 11 जैसे आतंकी हमलों का समाधान भारत के मानवीय मूल्य: मोदी
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  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में सुब्रमण्य भारती के नाम से एक 'चेयर' स्थापित करने की घोषणा

नई दिल्ली। एक्शन इंडिया न्यूज़


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि दुनिया में सितंबर 11 जैसे आतंकी हमलों का स्थायी समाधान भारत के मानवीय मूल्य हैं और आज के ही दिन स्वामी विवेकानंद ने अमेरिकी धर्मसंसद के माध्यम से दुनिया को इन मूल्यों से परिचित कराया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरदारधाम भवन का लोकार्पण किया और सरदारधाम-द्वितीय चरण के कन्या छात्रावास के निर्माण के लिये भूमि पूजन किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "आज 11 सितंबर यानी 9/11 है। दुनिया के इतिहास की एक ऐसी तारीख जिसे मानवता पर प्रहार के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी तारीख ने पूरे विश्व को काफी कुछ सिखाया भी। एक सदी पहले ये 11 सितंबर 1893 का ही दिन था जब शिकागो में विश्व धर्म संसद का आयोजन हुआ था।"

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने महान विद्वान, दार्शनिक और स्वतंत्रता सेनानी तमिल भाषा के महाकवि सुब्रमण्यम भारती की 100वीं पुण्यतिथि पर उनके नाम से बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में एक चेयर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बीएचयू के कला संकाय में तमिल अध्ययन पर 'सुब्रमण्य भारती पीठ' की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुब्रमण्यम भारती जी ने हमेशा मानव जाति की एकता और भारत की एकता पर विशेष बल दिया। उनके आदर्श भारत के विचार और दर्शन का अभिन्न अंग हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार साहब जिस एक भारत-श्रेष्ठ भारत का विजन लेकर चलते थे, वही दर्शन महाकवि भारती की तमिल लेखनी में पूरी दिव्यता से निखरता रहा है। उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम भारती ने स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा ली और वह श्री अरबिंदो से प्रभावित थे। काशी में रहते हुए भारती ने अपने विचारों को नई दिशा और नई ऊर्जा दी।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि गणेशोत्सव के अवसर पर सरदार धाम भवन का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने सभी को गणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव और ऋषि पंचमी और क्षमवाणी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मानवता की सेवा के प्रति समर्पण के लिए सरदार धाम ट्रस्ट से जुड़े सभी सदस्यों की सराहना की। उन्होंने पाटीदार समाज के युवाओं के साथ-साथ गरीबों और विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण पर उनके प्रयासों की प्रशंसा की।


प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात अतीत से लेकर आज तक साझा प्रयासों की ही धरती रही है। महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा यहीं से शुरू की थी, जो आज भी स्वतंत्रता संग्राम में देश के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। इसी तरह खेड़ा आंदोलन में सरदार पटेल के नेतृत्व में किसानों, युवाओं और गरीबों की एकता ने ब्रिटिश सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि वो प्रेरणा, वह ऊर्जा आज भी गुजरात की धरती पर सरदार साहब की गगनचुंबी प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के रूप में हमारे सामने खड़ी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज समाज के उन वर्गों को आगे लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जो पीछे छूट गए हैं। आज एक तरफ जहां दलितों और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के हक के लिए काम हो रहा है, वहीं आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। ये प्रयास समाज में एक नया विश्वास पैदा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में कहा कि यह छात्रों को भविष्य में बाजार की मांग के अनुरुप तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि 'कौशल भारत मिशन' भी देश के लिए एक बड़ी प्राथमिकता है। इस मिशन के तहत लाखों युवाओं को विभिन्न कौशल सीखने का अवसर मिला है और वे स्वतंत्र हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में मार्केट में कैसी स्किल की डिमांड होगी, भविष्य की दुनिया में लीड करने के लिए हमारे युवाओं को क्या कुछ चाहिए होगा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्टूडेंट्स को शुरुआत से ही इन ग्लोबल वास्तविकताओं के लिए तैयार करेगी। राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रों को कौशल विकास के तहत अपने कौशल का सम्मान करने के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज गुजरात में जहां एक तरफ स्कूल छोड़ने की दर एक प्रतिशत से भी कम हो गई है, वहीं लाखों युवाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एक नया भविष्य प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि आज गुजरात के युवाओं की प्रतिभा को स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियान से एक नया पारिस्थितिकी तंत्र मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस छात्रावास सुविधा का उद्घाटन किया जा रहा है, उससे कई लड़कियों को आगे आने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक भवन, बालिका छात्रावास और आधुनिक पुस्तकालय युवाओं को सशक्त बनाएंगे। उद्यमिता विकास केंद्र गुजरात की मजबूत व्यावसायिक पहचान को समृद्ध करेगा और सिविल सेवा केंद्र सिविल, रक्षा और न्यायिक सेवाओं में करियर के इच्छुक युवाओं को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि सरदार धाम न केवल देश के भविष्य के निर्माण का प्रतिष्ठान बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सरदार साहब के आदर्शों को जीने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा कि सरदारधाम समाज के कमजोर वर्ग के शैक्षिक और सामाजिक विकास व उनकी प्रगति की दिशा में काम करता रहा है। इसके साथ युवाओं को रोजगार अवसर भी प्रदान कर रहा है। सरदारधाम, अहमदाबाद में स्थित है, जहां छात्रों को आधुनिक और उत्कृष्ट सुविधायें प्रदान की जाती हैं। कन्या छात्रावास में दो हजार लड़कियों को हॉस्टल सुविधा मिलेगी। यह सविधा आर्थिक मानदण्डों से इतर सभी लड़कियों को मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान पाटीदार समाज की सराहना करते हुए कहा कि ये जहां कहीं भी जाते हैं वहां के व्यापार को नई पहचान दे देते हैं। आपका ये हुनर अब गुजरात और देश में ही नहीं, पूरी दुनिया में पहचाना जाने लगा है। पाटीदार समाज की एक और भी बड़ी खूबी है, ये कहीं भी रहें, भारत का हित आपके लिए सर्वोपरि रहता है।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल, केंद्रीय मंत्री पुरषोत्तम रुपाल, मनसुख मंडाविया और अनुप्रिया पटेल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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