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इर्रा में अक्ति पर्व मनाने की अनूठी परंपरा बरकरार, ग्रामीणों ने विधि-विधान से की ठाकुर देव की पूजा

इर्रा में अक्ति पर्व मनाने की अनूठी परंपरा बरकरार, ग्रामीणों ने विधि-विधान से की ठाकुर देव की पूजा
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धमतरी । एएनएन (Action News Network)

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में खरीफ फसल की कटाई-मिंजाई के बाद पूर्वजों द्वारा गांव बनाने की परंपरा आज भी बरकरार है। ग्रामीणों द्वारा इस परंपरा का निर्वहन आज भी किया जा रहा है। इसी परंपरा के तहत रविवार को कुरुद ब्लॉक के ग्राम इर्रा व क्षेत्र में गांव बनाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। गांव के आराध्य ठाकुर देव में सभी किसानों ने अपने-अपने घरों से लाया हुआ धान का एक-एक दोना अर्पित किया। इसके बाद फूल,अक्षत चढ़ाकर विवि-विधान से पूजा अर्चना की गई।

ग्राम पंचायत इर्रा के सरपंच कमलेश नेताम एवं पूर्व सरपंच चूड़ामणि वर्मा ने बताया कि गांव बनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। जिसे आज भी ग्रामीणों द्वारा ग्राम के आराध्य ठाकुर देव सहित ग्राम के अन्य देवी देवताओं का आह्वान कर गांव बनाने की परंपरा का निर्वहन किया जाता है। जिस प्रकार खरीफ फसल की बुआई के पहले अक्ति पर किसानों द्वारा ठाकुर देव में दोना में धान भरकर बैगा के पूजा पाठ के बाद दोना से भरे धान को अपने खेतों में जाकर छिड़कते हैं। इसी प्रकार फसल कटाई व मिंजाई के बाद सभी किसान अपने-अपने घरों से धान का एक-एक बीड़ा ठाकुर देव में चढ़ाकर पूजा अर्चना कर धन धान्य से भरपूर रहने की कामना करते हैं। ठाकुर देव में चढ़े इस धान बीड़ा को बैगा अपने सेवा के रूप रखता है। पश्चात दोपहर में लाल मटका व आम की पूजा चना दाल के साथ घरों में लोगों द्वारा विधि विधान से की जाती है। बताया जाता है कि आज से पूजा पश्चात मटका का ठंडा पानी पीना प्रारंभ करते हैं। ग्रामीण इलाकों में आज भी यह प्रथा चली आ रही है। वहीं शहरों में लोग गर्मी प्रारंभ होते ही फ्रिज का पानी पीना शुरू कर देते हैं।

ग्राम इर्रा (कोर्रा) के पुरोहित जगदीश्वर शर्मा का कहना है कि अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है, किंतु वैशाख माह की तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गई है। इस अवसर पर इर्रा में ग्राम बैगा भागवत प्रसाद, नंद कुमार साहू, साहू, सेवा राम साहू सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

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