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11 साल बाद समय पर आया मानसून, एक सप्ताह तक होगी बारिश

11 साल बाद समय पर आया मानसून, एक सप्ताह तक होगी बारिश
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बेगूसराय । एएनएन (Action News Network)

विगत कई वर्षों से अल्पवृष्टि, अतिवृष्टि और बाढ़ का प्रकोप झेल रहे बिहार में समय पर मानसून का आना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस साल ना केवल मानसून समय पर आया है, बल्कि एक से 15 जून तक सामान्य की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।

सही समय पर बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। उम्मीद है कि इस वर्ष धान की फसल अच्छी होगी और किसान इसकी खेती में जुट भी गए हैं। समय पर बारिश होने से प्रवासी श्रमिकों को रोजगार का भी अवसर मिलेगा और किसानों को आसानी से श्रमिक उपलब्ध होंगे। मौसम विभाग ने मानसून के बिहार में आने की पुष्टि कर दी है।

मौसम विभाग की मानें तो करीब 11 साल बाद बिहार में मानसून समय पर आया है। विभाग ने बिहार के 12 जिलों में ब्लू अलर्ट जारी किया है तथा अगले तीन दिनों तक बिहार के सभी जिलों में गरज के साथ कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बेगूसराय जिले में तो आगामी एक सप्ताह तक बारिश होती रहेगी।

यह जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर बेगूसराय के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. सुनीता कुशवाहा ने मंगलवार को बताया कि ऐसे में किसान कटी हुई मक्के की फसल का सुरक्षित तरीके से भंडारण कर लें, साथ ही उड़द और मूंग का भंडारण भी कर लें।

धान के लिए नर्सरी की तैयारी प्रारंभ कर दें, विशेषकर लंबी अवधि के धान की नर्सरी के लिए यह उपयुक्त समय है। लंबी अवधि के धान के लिए किसान राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा से विकसित की गई किस्में निचली जमीन के लिए- राजेंद्र मंसूरी, राजेंद्र भगवती, मध्यम भूमि के लिए- राजेंद्र श्वेता, राजेंद्र सुभाषिनी तथा ऊंची भूमि के लिए राजेंद्र नीलम, अन्य प्रभेद सहभागी सबौर अर्ध जल इत्यादि का चयन कर सकते हैं।

धान की खेती सीधी धान की बुवाई विधि से भी कर सकते हैं, जिसका उपयुक्त समय है। इसके अलावा आगामी एक सप्ताह तक सिंचाई ना करें, क्योंकि लगातार बारिश की संभावना है। 18 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।

जिन किसानों ने आम के नए बगीचे लगाए हैं, उसमें आम के पौधे के पास में स्टैकिंग (बांस की पतली लकड़ी) लगा दें, ताकि हवा के माध्यम से पौधा झुके नहीं- टूटे नहीं। अभी किसी भी प्रकार के कीटनाशक का प्रयोग नहीं करें, किसी भी कीटनाशक के सही उपयोग के लिए कम से कम चार से पांच घंटे की धूप आवश्यक है।

सोयाबीन की बुवाई का उचित समय आ गया है। डॉ. सुनीता कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष मानसून के मध्यम रहने की संभावना है। जो किसान खरीफ मक्का की खेती करना चाहते हैं, वह मौसम के खुलते ही मक्का की बुनाई अवश्य कर दें।

अमरूद के बगीचे में बरसात के बाद इमिडाक्लोप्रिड 2 एमएल /1 लीटर पानी में घोलकर पौधे पर छिड़काव कर दें, इससे अमरूद के फल में पिल्लू आने की शिकायत नहीं होगी और फल सुरक्षित रहेगा। इस समय कीट काफी सक्रिय हो जाते हैं, जो अमरूद के फलों में अपने अंडे दे देते हैं, उसे रोकने के लिए उपरोक्त दवा का प्रयोग अवश्य करें।

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