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झुंझुनू की बहू बनी हुई है कोरोना वॉरियर्स

झुंझुनू की बहू बनी हुई है कोरोना वॉरियर्स
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झुंझुनू । एएनएन (Action News Network)

झुंझुनू के अरड़ावता गांव की बहू सुमन बाबल जयपुर के महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में बतौर नर्स ग्रेड के पद पर कार्यरत होकर कोरोना वॉरियर्स बनी हुई है। सुमन बाबल बतातीं है कि उन्होंने एक मार्च से एक महीने की छुट्टी ली थी। लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण वे पांच दिन बाद ही ड्यूटी पर आ गई और तब से लगातार महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट जयपुर में बनाए गए विशेष वार्ड में सेवाएं दे रही है।

उन्होंने बताया कि यहां पर ना केवल संदिग्ध महिला बल्कि महिला पॉजिटिव केस भर्ती किए जाते हैं। जिनकी वह सेवा कर रही है। एक बार जब उन्हें ड्यूटी पर लगाया तो वे डर गई। डर यह था कि उनका 12 साल का बेटा ईशु अकेला कैसे रहेगा? लेकिन उसी बेटे ने उन्हें हौंसला दिया और प्रोमिस किया कि वह कभी भी उदास नहीं होगा। आप तो ड्यूटी करो।

सुमन बाबल अब अपने गांधी नगर के सरकारी आवास में बेटे के साथ तो रह रही है। लेकिन अलग-अलग कमरों में। बेटे के लिए खाना भी पड़ौसी बनाकर देते हैं। जबकि सुमन खुद के लिए खाना अलग बनाती है। सुमन ने बताया कि 11 अप्रैल से उनके अस्पताल को पूर्णतया कोविड के इलाज़ के लिए ही आरक्षित कर दिया गया है। जिसके बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई है। वहीं छह मार्च से अब जाकर उन्हें सात दिन का क्वारेंटाइन मिला है। लेकिन वह अभी भी बीच में काम होगा तो जाने से हिचकिचाएगी नहीं।

सुमन बाबल का भाई राजेश भी कोरोना वॉरियर्स है। वह टोंक शहर में 108 एम्बुलेंस में बतौर पायलट कार्यरत है। दोनों भाई बहन इस लड़ाई में साथ दे रहे है। सुमन ने बताया कि वह सिंगल वुमन है। लेकिन उन्होंने अपने भाई को भी इस कार्य में भेज दिया और अकेले अब अपने 12 साल के बेटे के साथ रह रही है।

सुमन बाबल के पति अरड़ावता निवासी सुधीर थाकन का निधन 2013 में हो गया था। सुमन ने शादी के बाद ही 2005 से नर्सिंग की थी। इसके बाद 2014 में उनका चयन एसएमएस के यूटीबी में नर्स ग्रेड द्वितीय पर हुआ। अब वे महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट जयपुर में कार्यरत है। सुमन ने बताया कि उसके बेटे ने तीन महीने पहले गांव चलने की बात कही थी। लेकिन उसने छुट्टियों में चलने का वादा किया था। परंतु अब हालातों में गांव नहीं जाना हुआ तो बेटा मायूस है। लेकिन उसे फक्र भी है कि उसकी मां इस लड़ाई में एक योद्धा की तरह लड़ रही है।

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