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न्यायाधीश को नशे में मिले आपातकालीन चिकित्सक, ओपीडी पर अंकित की टिप्पणी

एटा। एएनएन (Action News Network)

जिला चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में एक मजिस्ट्रेट का उपचार कराने पहुंचे अतरिक्त जनपद न्यायाधीश को पहले तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक मिले ही नहीं। आधा घंटा बाद जब मिले तो इतने नशे में थे कि उनके मुंह से दुर्घन्ध आ रही थी। जज के चिकित्सालय के ओपीडी रजिस्टर में टिप्पणी करने के बाद चिकित्साधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। वे चिकित्सक का मेडीकल कराने के स्थान पर जज द्वारा रजिस्टर पर टिप्पणी करने पर ही ऐतराज जता रहे हैं।

अतरिक्त जनपद न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी एसटी न्यायालय खलीकुज्जमा शुक्रवार रात लगभग 11.30 बजे मुंसिफ मजिस्ट्रेट मीना अख्तर के बीमार पड़ने पर उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग गये थे। आपातकालीन विभाग में जज साहब को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. बी. सागर पहले तो आधा घंटे तक ड्यूटी से गायब मिले। बाद में जब आये भी तो इतने शराब के नशे में थे कि उनके मुंह तक से बदबू आ रही थी।

चिकित्सक की हालत से हतप्रभ न्यायाधीश खलीकुज्जमा ने सीएमओ डा.अजय अग्रवाल व सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल को मामले की सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमएस डा.राजेश अग्रवाल को उन्होंने चिकित्सक का तत्काल मेडीकल परीक्षण कराने के निर्देश दिये। साथ ही चिकित्सक के आचरण व स्थिति की उनके ओपीडी रजिस्टर में टिप्पणी अंकित कर दी।
जज साहब तो कुछ समय बाद चले गये। किन्तु हड़कंप में आये चिकित्साधिकारी अपने चिकित्सक के बचाव में जुट गये।

सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल ने चिकित्सक का मेडीकल कराने के स्थान पर न्यायाधीश द्वारा ओपीटी रजिस्टर पर की टिप्पणी को मुद्दा बनाते हुए इस पर ऐतराज जताते हुए इसकी सूचना जिला जज को देने की बात कही है। वहीं आरोपित चिकित्सक डा. बी. सागर अपनी गैरहाजिरी को खाना खाने जाना बताते हुए मुंह से आ रही गंध को शराब की नहीं, दवा की गंथ बता रहे हैं। वहरहाल समाचार लिखे जाने तक मामला गरमाया हुआ है।

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