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मप्र के हस्तशिल्प और हथकरघा कला को बढ़ावा देने को आगे आई कमलनाथ सरकार, लंदन में बजेगा कलाकारों का डंका

मप्र के हस्तशिल्प और हथकरघा कला को बढ़ावा देने को आगे आई कमलनाथ सरकार, लंदन में बजेगा कलाकारों का डंका
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भोपाल। एएनएन (Action News Network)

मध्‍यप्रदेश की कमलनाथ सरकार एक ओर जहां देश के 23 राज्‍यों में मृगनयनी शोरूम खोलने की तैयारी में जुटी है वहीं वह आागमी वर्ष में विदेशी धरती यानि कि लंदन में भी मध्‍यप्रदेश के मृगनयनी ब्रांड को लांच करेगी। इसके पीछे सरकार का मकसद राज्‍य की विविधताओं से पूर्ण हस्तशिल्प और हथकरघा कला को बढ़ावा देना है। साथ ही इसके माध्‍यम से रोजगार बढ़ाने का भी प्रयास है।

मृगनयनी शोरूम के विस्‍तार को लेकर सरकार की ये योजना ऐसे समय में आई है, जब प्रदेश की अधि‍कांश बुनकर समितियां कमलनाथ सरकार से अपनी अजीविका बढ़ाने की मांग कर रही हैं । अब सरकार को भी लग रहा है कि मृगनयनी शोरूम का विस्‍तार इस दिशा में फायदेमंद रहेगा। लिहाजा उम्मीद के अनुरूप सरकार अपने मृगनयनी शोरूम बढ़ाने जा रही है ।

प्रदेश की हर उत्‍कृष्‍ट कला को अंतर्राष्‍ट्रीय मंच देगी सरकार
कमलनाथ सरकार की योजना है कि वह मध्य प्रदेश में निर्मित होने वाली माहेश्वरी और चंदेरी साड़ियां हों या फिर सागौन और पीतल से बनी हुई सामग्री, वह हर उत्पाद को देश समेत अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लेकर जाए, जिससे प्रदेश की प्रतिभा को उचित स्थान और सम्मान मिल सके। इस संबंध में प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री हर्ष यादव का कहना है कि हस्तकला एवं कुटीर उद्योगों में निर्मित उत्पादों को मार्केट उपलब्ध कराने व इसका प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से हमारी सरकार देशभर के 23 राज्यों में मृगनयनी शो रूम खोलने जा रही है । इसके बाद सरकार का कदम आगामी वर्ष 2020 के अप्रैल माह में एक प्रदर्शनी लंदन में लगाने की है, जिसमें हस्तशिल्प और हथकरघा कला से निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

उपभोक्ताओं के लिये अमेजन पर उपलब्ध है 'मृगनयनी'
नवाचार के अन्तर्गत उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिये मृगनयनी की वेबसाइट के साथ ही अमेजन के माध्यम से उपभोक्ता सुविधा प्रारंभ की गई है। यह कार्य हालांकि पूर्व की शिवराज सरकार कर गई लेकिन इन दिनों सरकार की कोशिश है कि अन्‍य ई कॉमर्स माध्‍यमों से भी समझोता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएं।

उल्‍लेखनीय है कि पिछली सरकार में मध्यप्रदेश सरकार के स्टेट एम्पोरियम मृगनयनी के करीब 750 प्रोडक्ट अमेजन पर बेचने के लिए मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे । कह सकते हैं कि अपने मार्केट प्लेस पर मृगनीयनी को लांच करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के साथ अमेजन की साझीदारी, इस बात का प्रतीक है कि देशभर के उपभोक्ता काफी बड़ी संख्या में प्रदेश के शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

कमलनाथ सरकार भी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की तरह ही मृगनयनी उत्पादों के विक्रय के लिये एफ.एम. रेडियो और सोशल मीडिया का भी उपयोग कर रही है और अन्‍य कंपनियों के साथ समझोता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने आगे आई है । फिलहाल, भोपाल के गौहर महल के साथ ही अर्बन हाट इंदौर और शिल्प बाजार ग्वालियर में भी सकारात्मक गतिविधियाँ प्रारंभ की गईं हैं। पहली बार जबलपुर में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो लगाया गया है जिसका कि 13 दिसम्‍बर शुक्रवार से शुभारंभ हुआ है ।

जल्‍द होंगे मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में मृगनयनी एम्पोरियम
प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री हर्ष यादव की माने तो मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में मृगनयनी एम्पोरियम होगा। इस समय 10 जिलों में केन्द्र हैं। सागर और छिंदवाड़ा में नए मृगनयनी शोरूम शुरू करने की कार्यवाही अंतिम चरण में है। यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की गतिविधियों को जनोन्मुखी बनाने का प्रयास किया है। हस्तशिल्प विकास निगम, हाथकरघा आयुक्त, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, रेशम संचालनालय, और मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड संस्थाओं के माध्यम से प्रदेश के शिल्पीयों, ग्रामीण कारीगरों और हुनरमंद कलाकारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें प्रशिक्षण और रोजगार के माध्यम से आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में सहायता दी जा रही है। मृगनयनी एम्पोरियम से राष्ट्रीय फैशन संस्थान के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिये उनकी डिजाइन स्वीकृत होने पर उन्हें रायल्टी देने की योजना शुरू की गई है।

दक्षिण भारत में भी है चंदेरी एवं माहेश्वरी साड़ियों की धूम
आमतौर पर साड़ियों के मामले में बनारस एवं दक्षिण भारतीय साड़ियों में सिल्‍क की साड़ियों का जि‍क्र अक्‍सर होता है लेकिन अब ऐसा नहीं रहा । जिस दक्ष‍िण भारत के राज्‍यों में वहां के विभिन्‍न पैटर्न प्रचलन में और प्रसिद्धि‍ में आगे रहे हैं, वे भी आज मध्‍यप्रदेश की चंदेरी एवं माहेश्वरी साड़ियों के दिवाने दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में हर्ष यादव ने बताया कि आन्ध्र, तेलंगाना, कर्नाटक आदि प्रदेशों में अब चंदेरी एवं माहेश्वरी साड़ियों के साथ ही पीतल शिल्प, दरियां और ट्रायबल पेंटिंग उपलब्ध रहती है । मृगनयनी विक्रय केन्द्रों से गत वर्ष दीपावली के अवसर पर हुई बिक्री से इस वर्ष ढाई गुना ज्यादा बिक्री हुई है। पिछले दिनों में छत्तीसगढ़, गुजरात और आन्ध्रप्रदेश सरकार के साथ अनुबंध कर हाथकरघा एवं हस्तशिल्प का व्यापक बाजार प्रदान किया गया है। इसके विस्‍तार के हमारे प्रयास निरंतर प्रतिदिवस जारी हैं।

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