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कमलनाथ ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर की समर्थन मूल्य पर खरीदी को स्वीकृति देने की मांग

कमलनाथ ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर की समर्थन मूल्य पर खरीदी को स्वीकृति देने की मांग
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भोपाल। एएनएन (Action News Network)

मध्य प्रदेश में कोरोना संकट के बीच पत्राचार की राजनीति भी खूब चल रही है। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ कोरोना महामारी के चलते हो रही परेशानियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांगे कर रहे है। वहीं अब कमलनाथ ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर किसान हित में मप्र के किसानों से चना, मसूर व सरसों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति देने की मांग की है।

कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि मप्र सहित संपूर्ण भारत देश कोरोना महामारी की चपेट में है। निरंतर लॉकडाउन से समाज के प्रत्येक वर्ग की आजीविका पर बहुत प्रतिकूूल प्रभाव पड़ा है, पर सरकार इसके लिए चिंतित दिखाई नहीं देती। वर्तमान में सबसे ज्यादा तनाव में हमारे प्रदेश के किसान है जिनकी रबी की फसल कट कर तैयार है पर मप्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी, जो 25 मार्च से ही शुरू करनी थी, अब तक प्रारंभ नही की है और न ही प्रदेश सरकार की भविष्य की कोई तैयारी दिखाई दे रही है। अब किसान प्रतीक्षा नहीं कर सकता। उसके पास भंडारण की कोई व्यवस्था भी नहीं है। वो जैसे तैसे अपनी फसल काटकर अपने घरों के आसपास खुले में रख रहा है।
आगे अपने पत्र में कमलनाथ ने लिखा है कि आपको पत्र लिखने का विशेष उद्देश्य यह है कि आपका 5 अप्रैल 2020 का ट्वीट देखकर मैं बेहद चिंतित हूं, जिसमें आपने कुछ राज्यों में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर खरीदने की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करने का उल्लेख किया है पर उन राज्यों में मप्र का उल्लेख नहीं है। मप्र के लगभग 4.64 लाख किसानों ने चना, 1.14 किसानों ने मसूर तथा 1.05 लाख किसानों ने सरसों को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने के लिए पंजीयन कराया है। मप्र को इस निर्णय में समाहित ना करने से प्रदेश के चना, मसूर और सरसों उत्पादन करने वाले किसान बहुत तनाव में है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि मैं हतप्रभ हूं कि मप्र के मुख्यमंत्री किसानों की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने में कोई तत्परता नहीं दिखा रहे है और केन्द्र सरकार के निर्णय से प्रदेश के किसानों को हो रहे नुकसान पर मौन रखे हुए है। मप्र सरकार किसान भाइयों को केन्द्र सरकार से लाभ दिलाने हेतु कोई भी सार्थक पहल करती नहीं दिख रही हैं। अत: आपसे मेरा आग्रह है कि मप्र के किसानों से भी चना, मसूर और सरसों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति जारी करने का कष्ट करें ताकि मप्र के किसान भाई भी तनावमुक्त होकर जीवनयापन कर सकें।

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