Top
Action India

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय मूल की उम्मीदवार कमला हैरिस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय मूल की उम्मीदवार कमला हैरिस
X

लॉस एंजेल्स । Action India News

भारतीय मूल की कैलिफ़ोर्निया की सीनेटर कमला देवी हैरिस को अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की पहली अश्वेत महिला उम्मीदवार घोषित किया गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जोई बाइडन ने बुधवार की दोपहर कमला देवी हैरिस को अपने सहयोगी और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामित कर दिया। जोई बाइडेन ने क़ामला के नाम पर मुहर लगाते हुए उनके बेबाक़ सवालों के कारण एक निर्भीक यौद्धा का नाम दे डाला।

डेमोक्रेट उम्मीदवार जोइ बाइडेन चाहते तो राष्ट्रपति की पद की दौड़ में सफल उम्मीदवारों में एलिज़ाबेथ वारेन को ले सकते थे। लेकिन ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन के बाद देश में तेरह-चौदह प्रतिशत अश्वेत मतदाताओं का सहयोग अर्जित करने के लिए अश्वेत महिलाओं में सुशिक्षित, अग्रणी, अटार्नी और सिनेटर कमला हैरिस का चयन करने के सिवा कोई विकल्प नहीं था।

कमला हैरिस की पारिवारिक पृष्ठभूमि

कमला हैरिस की माँ श्यामला 1960 में उच्च शिक्षा के लिए भारत से अमरेकि आई थीं, तो पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका से। इसलिए कमला पहली अश्वेत महिला बन गईं जो एक एशियन-अमेरिकन के रूप में पहली बार इतने बड़े पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। कमला केवल महिला मतों के लिए ही नहीं, अश्वेत मत बटोरने में बाइडन की सहायक होंगी। कमला ने पहली चुनावी सफलता डिस्ट्रिक्ट अटार्नी (सन 2003) के रूप में पाई। इसके बाद ही वह कैलिफ़ोर्निया की अटार्नी जनरल बनी थी। एक अटार्नी के रूप में उनकी सफलता दर 76 प्रतिशत बताई जाती है।

‘फ़ोर्बेज’ के अनुसार वह और उनके पति डग्लस एमहोफ बड़े धनी नहीं हैं। हालाँकि उनके पास सैन फ्रांसिसको, लॉस एंजेल्स और वाशिंगटन में घर-जायदाद हैं। वह पिछले चुनाव (सन 2016) में डेमोक्रेट सिनेटर बनीं और प्रवासी भारतीय समुदाय ख़ास कर एच-1बी और उनके परिवार जनों के हितों को लेकर सीनेट में आवाज़ उठाती रही हैं। हैरिस ट्रम्प और माइक पेंस की मुखर विरोधी रही है। उल्लेखनीय है कि कमला हैरिस ने आठ महीने पहले राष्ट्रपति चुनाव प्राइमरी के दौरान जोई बाइडेन को नस्लीय कहा था।

आश्चर्यचकित ट्रम्प : राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कमला हैरिस के चयन पर आश्चर्य जताया है। जोई बाइडेन की घोषणा के बाद ट्रम्प ने अपनी नियमित प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि वह बाइडन के प्रति अनादार का भाव रखती रही है, फिर ऐसी अल्हड़ महिला को कैसे चुन लिया? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में कमला हैरिस का नाम आते ही कैलिफ़ोर्नियाई सीनेटर को नकचढ़ी और बदतमीज़ आदि उपनाम देकर तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के अंतिम पड़ाव को और ज़्यादा चुटीला बना दिया है। ट्रम्प का इशारा प्राइमरी के दौरान कमला हैरिस की ओर से राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जोई बाइडेन को नस्लीय बताया जाना है।

कमला- एक निर्भीक योद्धाः मीडिया के अनुसार डेमोक्रेट कमला हैरिस एक निर्भीक योद्धा के रूप में रिपब्लिकन के लिए चुनौती सिद्ध हो सकती हैं। वह अपने सीधे और चुटीले सवालों के लिए विख्यात है। कैलिफ़ोर्निया स्टेट की एक पूर्व अटार्नी जनरल और पिछले चार सालों से डेमोक्रेट सीनेटर तथा सीनेट की इंटेलीजेंस तथा न्यायिक समिति के सदस्य के रूप में कमला हैरिस ने अपने तीखे सवालों से ट्रम्प प्रशासन के अटार्नी जनरल विलियम बार्र और जस्टिस ब्रेट कावनाह को कटघरे में खड़ा करने में कभी क़ोताही नहीं बरती। अब जबकि तेज़ तर्रार कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हो चुकी हैं, वह आने वाले महीने में टीवी पर सीधे डिबेट में रिपब्लिकन उपराष्ट्रपति माइक पेंस के लिए सिरदर्द बन सकती हैं।

एक निष्पक्ष मीडिया रिपोर्ट की माने तो कमला हैरिस एक बड़े राज्य कैलिफ़ोर्निया की सफल अटार्नी जनरल रही हैं। वह एक अश्वेत अफ़्रीकी अमेरिकी और फिर एशियाई अमेरिकी के रूप में एक बड़े मतदाता वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए बाइडेन की मददगार हो सकती हैं। कमला हैरिस हॉलीवुड सिने अभिनेताओं में भी अत्यधिक लोकप्रिय हैं।

इस संदर्भ में अमेरिका के प्रथम अश्वेत पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की अश्वेत उपराष्ट्रपति के रूप में पहल का बिगुल बजाना भी एक कारण रहा है। हालांकि संभावित अश्वेत अफ़्रीकी अमेरिकी महिलाओं में सिनेटर कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसान राइस के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचे थे। वैसे जोई बाइडेन के विरुद्ध राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारों में श्वेत महिलाओं में एलिज़ाबेथ वारेन और एमी क्लोबूचर के नाम बड़े थे। इन दोनों सीनेटर महिलाओं की मतदाताओं में पहुँच कमला हैरिस से कहीं ज़्यादा थी। ये दोनों महिलाएँ अंतिम प्राइमरी तक डटी रही थीं। बताया जाता है कि अफ़्रीकी अमेरिकी समुदाय ने बाइडन को पहले से स्पष्ट कर दिया था कि इस बार किसी अश्वेत महिला को उपराष्ट्रपति पद के लिए चयन नहीं किया गया तो यह समुदाय एकमुश्त बाइडेन का विरोध कर सकते हैं।

Next Story
Share it