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अखिलेश ने कानपुर में डॉक्टर का ​वीडियो वायरल होने पर सरकार पर कसा तंज

अखिलेश ने कानपुर में डॉक्टर का ​वीडियो वायरल होने पर सरकार पर कसा तंज
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  • कहा, सरकार को खुश करने के लिए समाज में बो रहे नफरत का बीज

लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य का जमातियों पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल होने को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने इस तरह के बयानों के जरिए सरकार को खुश करने के लिए समाज में नफरत का बीज बोने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने मंगलवार को ट्वीट किया कि चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वालों से अपने मरीजों के प्रति सहानुभूति की अपेक्षा की जाती है। एक बहुचर्चित वीडियो में उत्तर प्रदेश के एक चिकित्साधिकारी की निंदनीय बातें दिखा रही हैं कि ऐसे लोग कैसे सरकार को खुश करने के लिए समाज में नफरत का बीज बो रहे हैं। कोई कार्रवाई होगी क्या?

दरअसल कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का तब्लीगी जमातियों पर अभद्र टिप्पणी वाला करीब दो महीने पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे पत्रकारों के साथ बात करते हुए तब्लीगी जमात के लोगों के बारे में कह रही हैं कि जिन्हें जेल में भेजना चाहिए उन्हें हॉस्पिटल में भेजा जा रहा है। जिन्हें जंगल में छोड़ना चाहिए वे यहां हैं। इससे अस्पताल, मैनपावर सभी का नुकसान हो रहा है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. आरती ने अपने बचाव में कहा कि यह करीब 70 दिन पुराना वीडियो है जो कि ब्लैकमैलिंग के तौर पर बनाया गया और फिर काम न बनने पर वायरल कर दिया गया।

इससे पहले अप्रैल महीने में डॉ. आरती लालचंदानी ने तब्लीगी जमात के लोगों पर अस्पताल के स्टाफ पर थूकने और मारपीट का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अस्पताल में भर्ती तब्लीगी जमात के लोग खाने में बिरयानी मांग रहे हैं। अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट पर उतारू हैं।
वहीं डॉ. आरती का ताजा वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम संगठनों के लोगों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी को लेक अब अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है।

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