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आखिर गहलोत को केन्द्र सरकार की उपलब्धियों से दर्द किस बात का है- कटारिया

आखिर गहलोत को केन्द्र सरकार की उपलब्धियों से दर्द किस बात का है- कटारिया
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उदयपुर । एएनएन (Action News Network)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की छवि पूरी दुनिया में मजबूत हो गई है, आज हर जगह भारत के पक्ष को महत्वपूर्ण माना जाता है, यहां तक कि कोरोना जैसी महामारी में भी पीएम मोदी के फैसलों की विश्व भर में सराहना हो रही है, इस पर भी राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को दर्द है। आखिर उन्हें दर्द किस बात का है, यह उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।

यह बात राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सोमवार को उदयपुर में पत्रकार वार्ता में कही। कटारिया ने सीएम गहलोत के उस बयान जिसमें गहलोत ने केन्द्र में मोदी सरकार के 6 साल को असहनीय कष्टदायक बताया था, पर खूब घेरा और सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस और गहलोत को इस बात को लेकर दर्द है कि अब पैसा लाभार्थी के खाते में सीधा ट्रांसफर होता है, बीच में माध्यम कोई भी नहीं है।

क्या उन्हें दर्द इस बात कहा है कि जम्मू-कश्मीर की समस्या का पीएम मोदी की सरकार ने समाधान कर दिया है और सेना को खुली छूट दी है कि आतंकियों को सख्ती से निपटा जाए। क्या उन्हें इस बात का दर्द है कि लम्बी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया जिससे पूरा देश सहमत है। पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल को गरीब को समर्पित किया, क्या इस बात को लेकर गहलोत को कष्ट है। कोरोना काल से सीख लेकर आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करने की बात से क्या गहलोत को कष्ट है।

कटारिया ने वन नेशन वन टैक्स, वन रैंक वन पेंशन, सीएए, चीफ ऑफ डिफेंस, एक देश एक राशन कार्ड, डब्ल्यूएचओ में डॉ. हर्षवर्धन को सम्मानित पद मिलने, 30 लाख छुटकर व्यवसायियों को 10-10 हजार का लोन देने, पीएम आवास योजना की सफलता, उज्ज्वला योजना की सफलता गिनाते हुए कहा कि कोरोना जांच की पूना में स्थित एक लैब से अब पूरे देश में 610 लैब हो जाना भी गहलोत को कष्टदायक लग रहा है। इतना ही नहीं, देश में ही पीपीई किट बनना शुरू हो गए, यह भी गहलोत के लिए कष्टदायी है।

कटारिया ने कहा कि 2012 में वे भी यह विचार करने लगे थे कि भारत की स्थिति हर मोर्चे पर कमतर होती जा रही है, इसे कैसे संभाला जाएगा, लेकिन मोदी के नेतृत्व में न केवल देश संभला, बल्कि पूरे विश्व में अपना विशेष स्थान स्थापित किया है। कटारिया ने देश को मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिलने को ईश्वरीय कृपा भी बताया। कटारिया ने सीएम गहलोत को चुनौती दी कि वे खुल मंच पर आकर मोदी सरकार के 6 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों पर उनसे बहस कर सकते हैं। कांग्रेस के 50 साल के शासन के आगे मोदी के 6 साल भारी पड़ेंगे, शायद यही कष्ट गहलोत को हो रहा है।

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