Top
Action India

क्या कोरोना संक्रमित मरीज़ को पुन: संक्रमण हो सकता है?

लॉस एंजेल्स । एएनएन (Action News Network)

क्या एक बार कोविड -19 (कोरोना) से निजात पा चुके मरीज़ को फिर से इसका संक्रमण हो सकता है? क्या इलाज से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी लेवल) उसके संक्रमण का कवच साबित हो सकता है? इस पर अमेरिका के विभिन्न मेडिकल रिसर्च सेंटर में प्रयोग शुरू किए जा रहे हैं। अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमित को दूसरी बार संक्रमण नहीं होगा, इसका परीक्षण अभी प्रारंभिक दौर में है और पक्के तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

विश्व स्वास्थय संगठन (डब्ल्यू एच ओ) ने शनिवार को सदस्य देशों को सचेत किया था कि जब तक इस संबंध में पर्याप्त शोध नहीं हो जाता तब तकि किसी संक्रमित मरीज़ को प्लाज्मा दिए जाने के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। डब्ल्यू एच ओ ने स्पष्ट किया है कि यह ज़रूरी नहीं है कि कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा चुके मरीज़ को दोबारा संक्रमण नहीं होगा। अमेरिका की भी हेल्थ एजेंसी ने कहा है कि ऐसे कोरोना मरीज़ों के एंटी बॉडी लक्षणों की अभी समीक्षा की जा रही है।

अमेरिकी एफडीए ने शनिवार को तीन और एजेंसिज को एंटी बॉडी टेस्ट की स्वीकृति दे दी है। अब तक कुल मिलाकर सात टेस्ट एजेंसियों को एंटी बॉडी टेस्ट की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि भारत में भी इन दिनों एंटी बॉडी टेस्ट या प्लाज्मा थ्योरी पर काफी चर्चा है। दिल्ली सरकार ने घोषित किया है कि प्लाज्मा थ्योरी से उसके मरीजों को लाभ हुआ है। कोरोना के दो गंभीर रोगियों को सही हो चुके रोगियों का प्लाज्मा दिए जाने के सकारात्मक परिणाम निकले हैं।

Next Story
Share it