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केजरीवाल सरकार के मोहल्ला क्लीनिक में खांसी की दवा देने से तीन बच्चों की मौत

केजरीवाल सरकार के मोहल्ला क्लीनिक में खांसी की दवा देने से तीन बच्चों की मौत
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एक्शन इंडिया न्यूज़

जिस मोहल्ला क्लीनिक की केजरीवाल सरकार हमेशा तारीफ के पुल बांधते आयी है। वहीँ क्लीनिक के लोग अब बच्चों के जान लेना चाह रहें। देश की राजधानी दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक में कथित रूप से गलत दवा के इस्तेमाल से तीन बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। आपको बता दें कि खांसी की दवा देने से तीन बच्चों की मौतहो गयी है और कई अब भी जिंदगी और मौत से लड़ रहें। इस खबर इन दिनों पूरे मेडिकल जगत में हैरानी और हड़कंप का माहौल है। खांसी की दवा से मौत पर पूरे देश में यह पहला मामला है। डॉक्टरों का कहना है कि इसकी पूरी जाँच होना चाहिए। विशेषकर दवा कंपनी की जिसने यह दवा बनाई। क्योंकि अभी तक ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।


बता दें कि इस मामले में केजरीवाल सरकार एक्शन में है और आरोपी 3 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं इसको लेकर विपक्ष भी केजरीवाल सरकार पर हमलावर है।बता दें कि पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अपने ट्विटर अकाउंट से केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने लिखा, "अगर मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर वोट केजरीवाल मांगते हैं, तो गलत दवाई से वहां हुई बच्चों की मौत की ज़िम्मेदारी भी केजरीवाल की है!"

वहीँ बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से केजरीवाल सरकार को घेरा है । उन्होंने लिखा है कि बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करना गलत है केजरीवाल । आपने जिन माँ की गोद सुनी की वो कभी आपको माफ़ नहीं करेंगे। दवाई चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देनी चाहिए लेकिन केजरीवाल के मोहल्ला क्लीनिक ने ये दवाई बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के ही बच्चों को दे रहे हैं। देखना यह होगा कि चार साल से कम बच्चों की क्यों ज्यादा घटक वाली दवा दी गई। दवा डॉक्टर ने दी है या नर्स ने दी है। दवा की कितनी डोज दी गई है, ये सब जांच के विषय हैं। साथ ही दवा कंपनी के इस बैच की सभी सीरप की जांच होना चाहिए।

वहीँ केजरीवाल सरकार अभी तक यह मानने को तैयार नहीं है की जिन बच्चों की मौत हुई उसके जिम्मेदार मोहल्ला क्लिनिक के लोग है। अगर दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिंक के वास्तविकता की जाँच की जाये तो वहां पर ना ही योग्य डॉक्टर की टीम है और न ही साफ सफाई।

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