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लॉक डाउन का व्यापक असर, दुकानों पर लटकी ताले, सड़के वीरान

लॉक डाउन का व्यापक असर, दुकानों पर लटकी ताले, सड़के वीरान
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खूंटी। एएनएन (Action News Network)

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा घोषित लाॅक डाउन का सोमवार को खूंटी जिले में व्यापक असर दिखा। सुबह से ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों और अन्य दुकानों में ताले लटके रहे। सड़कों पर यात्री बसों, ऑट और अन्य वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। सड़कों पर भी लोगों की भीड़ अपेक्षाकृत कम नजर आयी। वाहनों का पचिालन ठप होने से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतर लोगों ने घरों में ही बंद रहना बेहतर समझा। क्षेत्र के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा अमरेश्वरधाम के सभी मंदिरों को भी 15 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है।

इक्के-दुक्के ट्रक और दो पहिया वाहन ही सड़कों पर दिखे। ट्रेनों का परिचालन भी पूरी तरह ठप रहा। खूंटी जिले में पड़ने वाली तीन प्रमुख स्टेशनोंकरा स्टेशन, गोविंदपुर रोड और लोधमा स्टेशन पर सन्नाटा में वीरानी छायी रही। अस्पतालों में भी मरीज कम ही नजर आये। पेट्रोल पंप, राषन दुकान, दूध, दवा जैसी जरूरी सेवा वाली दुकानें ही खुली नजर आयीं। कुछ दुकानें सुबह खुलीं, पर प्रशासन ने उन्हें भी बंद करा दिया। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी दिखी कि राषन दुकान आवश्यक सेंवा में है, फिर उन्हें प्रशासनक्यों बंद करा रहा है।

लाॅक डाउन से स्थानीय संक्रमण की चेन टूटेगी: सिविल सर्जनचिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है जनता कर्फ्यू, लाॅक डाउन जैसे प्रभावी कदम से कोविड 19 के स्थानीय संक्रमण की चेेन टूट जायेगी। इस संबंध में सिविल सर्जन डाॅ प्रभात कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस का स्थानीय स्तर पर संक्रमण होने लगा है। स्थानीय संक्रमण की पुष्टि होने के बाद ही राज्य और केंद्र सरकार ने लाॅक डाउन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे काफी हद तक स्थानीय संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है।

रोज कमान-खाने वालों की बढ़ी परेशानीलाॅक डाउन से रोज कमाने-खाने वालों के लिए मुसीबत बढ़ गयी है। मजदूरों और अन्य दिहाड़ी काम कर जीवन यापन करने वालों का कहना है कि दुकानों और वाहनों के बंद होने से उन्हें काम नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में उनके घरों में चूल्हा जलना भी मुश्किल हो जायेगा। दुकानों में काम करने वालों को दुकानदार बिना काम का पैसे देना नहीं चाहते। ऑटो चलाने वाले, सैलून संचालक और अन्य छोटे दुकानदारों के समक्ष भी रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है।

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