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सीटू ने लाॅकडाउन के बीच मनाया मजदूर दिवस

शिमला । एएनएन (Action News Network)

कोरोना लाॅकडाउन के बीच श्रमिक संगठन सीटू ने शुक्रवार को प्रदेश के 11 जिलों में मजदूर दिवस मनाया तथा शिकागों के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान औद्योगिक मजदूरों ने कार्यस्थलों पर सीटू का झंडा फहराया। प्रदेश के सैंकड़ों गांवों में मनरेगा व निर्माण मजदूरों ने कोरोना नियमों का पालन करते हुए मजदूर दिवस को मनाया। यह पहला मौका होगा, जब मजदूरों को लेकर प्रदेश में कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा।

सीटू प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि मांगपत्र में मजदूरों, पत्रकारों, कर्मचारियों की छंटनी व वेतन में कटौती बंद करने की मांग की गई। साथ ही प्रवासी मजदूरों के प्रति सरकारी को गंभीरता दिखाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों व अन्य मजदूरों के लिए पीपीई किट का प्रबन्ध करने की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न लॉक डाउन व कर्फ्यू की स्थिति में उद्योगों में कार्यरत मजदूर, सरकारी क्षेत्र के आउटसोर्स, ठेका, कैजुअल, पार्ट टाइम मजदूर, आंगनबाड़ी, मिड डे मील, आशा जैसे योजनाकर्मी, असंगठित क्षेत्र के मनरेगा, निर्माण, ग्रामीण मजदूर, डॉमेस्टिक वर्करज, होटलकर्मी, गार्बेज, सीवरेज, सेनिटेशन कार्य से जुड़े कर्मी, परिवहन क्षेत्र से जुड़े ऑपरेटरों व मजदूरों, दुकानों में कार्यरत सेल्जमैन, रेहड़ी फड़ी तहबाजारी, न्यूज पेपर हॉकर्ज, छोटे दुकानदार व कारोबारी सभी को आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।

सीटू महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि कोरोना संकट में सरकार को जरूरतमंदों व प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन व बुनियादी चीजों का प्रबंध तथा राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से जुड़े मजदूरों को चार हजार रु की राशि एकमुश्त तुरन्त जारी करनी चाहिए। प्रदेश में खैर कटाई वाले हजारों प्रवासी मजदूरों को रहने-खाने का उचित प्रबंध किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से मजूदरों के कार्य दिवस को 8 से 12 घण्टे करने की नीति वापिस लेनी की मांग भी की।

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