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गोरखपुर के चार हॉटस्पॉट गांवों में लगी मजिस्ट्रेट की ड्यूटी, आवाजाही रोकी

गोरखपुर के चार हॉटस्पॉट गांवों में लगी मजिस्ट्रेट की ड्यूटी, आवाजाही रोकी
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गोरखपुर । एएनएन (Action News Network)

जिले के चार लोगों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद हॉटस्पॉट बने गांवों में मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगा दी गयी है। गांवों से बाहर जाने और अंदर आने पर रोक लगा दी गयी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा ने एक-एक बीमार व्यक्ति की जांच शुरू कर दी है। संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की पहचान अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गई है। बांसगांव के जिगिना, गोला के हरपुर के बाथ-बुजुर्ग, झंगहा के इटौवा, बेलघाट के केसरिया व शाहपुर और गगहा के जगदीशपुर भलुआन के सात कामगार 09 मई को अपने गांव पहुंचे थे और अपने परिवार के साथ रह रहे थे।

बुधवार को ही जांच को भेजे गए थे नमूने

100 बेड के टीबी अस्पताल में क्वारंटीन हुए सभी संभावितों के नमूनों को जांच के लिए बुधवार को ही भेजा गया था। गुरुवार को इनमें से 04 की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी।

सील हुए चारों गांव

जिला प्रशासन ने चारों गांवों को हॉटस्पॉट घोषित कर उन्हें सील कर दिया है। गांवों को सैनेटाइज कराया गया है। एक-एक व्यक्ति का ब्योरा एकित्रत किया जा रहा है। बाहर रहने वाले व्यक्तियों के परिवारों के उन सदस्यों के स्वास्थ्य की हालत भी जानी जा रही है। इन चारों गांवों के हजारों लोगों के सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। सभी लोग अंदर से डरे हुए हैं।

जांचा जा रहा स्वास्थ्य

चारों गांवों में आशा और एएनएम घर-घर सर्वे कर रही हैं। अफसर डेरा डाले हुए हैं। बीमार लोगों के सेहत की जांच हो रही है। चारों युवकों से जुड़े करीब 20 लोगों को जांच के लिए 100 बेड टीबी अस्पताल लाया गया है। पंचायती राज विभाग की टीम गांव में सैनेटाइजेशन करा रही है। क्वारंटीन की बजाय घर पहुंचे थे चारोंचारों युवक क्वारंटीन सेंटर की बजाए 10 मई को घर पहुंच गए थे। 12 मई को प्रशासन को इसकी भनक लगी। चारों युवक दो दिन तक बेखौफ गांव में लोगों से मिलते रहे। रिश्तेदारों से भी मिले। बाथ-बुजुर्ग निवासी युवक से मिलने के लिए बगल के गांव के कुछ लोग भी आए थे।

संपर्क में आने वालों को ढूढना चुनौती

कोरोना संक्रमित मिले चारों लोगों के गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने डेरा डाल दिया है। स्वास्थ्य विभाग को चिंता है कि चारों के परिवार के लोग भी कोरोना संक्रमण के शिकार न हो जाएं। यह भी डर है कि इनके परिवार में कोई बुजुर्ग बीमार होगा या बच्चे होंगे तो संक्रमण फैलने की खतरा ज्यादा है। हालांकि चारों के परिवार के सदस्यों को होम क्वारंटीन किया गया है। लेकिन अब मुसीबत कम नहीं है। परिवार या संक्रमितों के मिलने वालों की पहचान मुश्किल हैं।

लगी मजिस्ट्रेट की ड्यूटी, प्रवेश नहीं

पूरी तरह से सील किए गए गोला के बाथबुजुर्ग, झगहां के इटौवा, बांसगांव के जिगिना और बेलघाट के शाहपुर गांव में मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। इन चारों गांवों में सभी प्रवेश और निकास द्वार पर बैरीकेडिंग कर दी गई है। किसी को न तो गांव में अंदर जाने अनुमति है और न ही गांव से किसी को बाहर आने की। गांव के जो भी लोग संक्रमितों के सम्पर्क में आए थे सभी को आइसोलेट कराया जा रहा है। गांव में प्रवेश करने और बाहर जाने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि स्थानीय थाने से कांटेक्ट ट्रेसिंग मूवमेंट की गहन जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कैम्प कर रही है। जो लोग संक्रमितों के सम्पर्क आए हैं, उन सभी को आइसोलेट करावा दिया गया है। गांव में किसी को प्रवेश या बाहर आने की अनुमति नहीं होगी। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

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