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झारखंड

आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं : आशा लकड़ा

रांची। एएनएन (Action News Network)

रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। बस महिलाओं को जरूरत है, तो समाज परिवेश और संस्कृति के साथ-साथ स्वाभिमान की बात करने की। मेयर आशा लकड़ा रविवार को सीसीएल दरभंगा हाउस में महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।

उन्होंने कहा कि पहले राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को नीचे देखा जाता था, लेकिन आज के समय में महिलाओं ने साबित किया है कि महिलाएं कल्पना चावला भी बन सकती है और सुषमा स्वराज भी। दरभंगा हाउस में वनवासी कल्याण केंद्र वनवासी कल्याण केंद्र के द्वारा महिला दिवस के उपलक्ष पर 'भारत में जनजातीय महिलाओं की सामाजिक आर्थिक स्थिति' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।

मौके पर जनजातीय महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित भी किया गया। पुस्तक के विमोचन के दौरान वनवासी कल्याण केंद्र कि डॉ अंजली देशपांडे ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने के लिए और महिलाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए हमने देश भर की 80000 से ज्यादा महिलाओं से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि महिलाओं से बात करना आसान नहीं था।

इसके लिए हमें कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि देश भर से महिलाओं से बातचीत करने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वह सचमुच चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि देश भर की महिलाएं अपने परिवार और अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन वही परिवार अपने घर की महिलाओं के लिए प्रतिबद्धता दिखाने से बचता है और यह जानकारी हर स्तर की महिलाओं से लेने के बाद पुस्तक में लिखी गई है।

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की अध्ययन समन्वयक डॉ राधिका ने बताया कि इतनी महत्वपूर्ण जानकारियां जमा करना आसान नहीं था। हमें और भी ज्यादा परेशानी भारत में रह रही जनजाति महिलाओं की सामाजिक आर्थिक स्थिति के अध्ययन से हुई है, क्योंकि ज्यादातर महिलाएं और महिलाओं के परिवार वाले हमसे बात करने के लिए भी तैयार नहीं हो रहे थे। कार्यक्रम में डॉ एचपी नारायण, माधुरी जोशी, शर्मिला सोरेन, डॉ शिल्पा, सरोज कोल्हे, शिल्पा पुराणिक आदि मौजूद थी।

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