
सीतामढ़ी में बड़ी डकैती: व्यवसाई के घर 10 लाख से ज्यादा की लूट, नकाबपोश बदमाशों ने बम फोड़ मचाई दहशत
सोनबरसा(सीतामढ़ी)
कन्हौली बाजार में शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे के बाद नकाबपोश हथियारबंद डकैतों ने एक व्यवसाई के घर पर धावा बोलकर करीब 10 लाख से अधिक की संपत्ति लूट ली। घटनास्थल थाना और एसएसबी कैंप से करीब आधा किलोमीटर दूर है। घटना को करीब डेढ़ दर्जन बदमाशों ने अंजाम दिया। सभी डकैत कट्टा, कुल्हाड़ी और बम से लैस थे।
डकैतों ने व्यवसाई रामा शंकर गुप्ता (पिता स्व. राजेंद्र प्रसाद) के घर को निशाना बनाया। रामा शंकर गुप्ता घर में ही जनरल स्टोर्स और किराना दुकान चलाते हैं। जिस समय डकैतों ने धावा बोला उस समय व्यवसाई पुत्र शत्रुघ्न गुप्ता अपनी बीमार मां के लिए दवा लेने बाहर गए थे। लौटते समय घर के बाहर खड़े डकैतों ने उन्हें घेर लिया। शोर सुनकर पिता रामा शंकर गुप्ता बाहर निकले, लेकिन डकैतों ने उन्हें भी कब्जे में ले लिया।
बंधक बनाकर की पिटाई बदमाशों ने गृहस्वामी को हथियार के बल पर बंधक बना लिया और जमकर पिटाई की। जिससे उनका सिर फूट गया। इसके बाद अलमारियों की चाबी छीनकर लाखों की संपत्ति लूट ली।
पुत्र लक्ष्मण गुप्ता और शत्रुघ्न गुप्ता किसी तरह बाजार की ओर भागे और शोर मचाकर लोगों को सूचना दी कि उसके घर पर डकैत आए हैं।
यह सुनते ही लोग उनके घर की ओर दौड़े। जिससे वहां भीड़ जुटने लगी लेकिन डकैतों ने दहशत फैलाने के लिए कई बम धमाके कर दिए। जिससे लोग दहशत में आ गए। गश्ती में तैनात चौकीदार सिकंदर राय, इंदल राउत और रामचंद्र राय वहां पहुंचे। डकैतों ने उनलोगों को निशाना बनाकर बम फेंके। हालांकि तीनों बाल-बाल बच गए। स्वजन के अनुसार, डकैतों ने सोना, चांदी के आभूषण और 70 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कन्हौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
अन्य थानों की टीम भी बुलाई गई।
रात में ही एसपी अमित रंजन और एएसपी आशीष आनंद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और डकैतों की पहचान में जुटी है। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। थाना और एसएसबी कैंप के निकट हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। थानाध्यक्ष बीरबल कुशवाहा ने बताया सीसीटीवी के आधार पर अपराधियों के पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही ऑपराधिक गिरोह का पता लगा लिया जाएगा। घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पीड़ित गृहस्वामी द्वारा आवेदन दिया गया है।




