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कोरोना योद्धाओं के काम और हौसले का अभिनंदन कर रहें मनोज पंडित

कोरोना योद्धाओं के काम और हौसले का अभिनंदन कर रहें मनोज पंडित
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  • जरूरतमंद हों, सफाईकर्मी हों, पुलिस हो या फिर हों चिकित्सक, सबके लिए बने सहारा

  • मीडिया और बैंककर्मियों को भी सम्मानित कर करा रहे हैं चाय-नाश्ता

  • पत्नी और बच्चों ने भी संकटकाल में अपनी बचत राशि से की मदद

सहारनपुर । एएनएन (Action News Network)

कुछ ऐसे लोग होते हैं जो हर स्थिति में दूसरों की मदद और सेवा कार्य को तैयार रहते हैं। फिर चाहे परिस्थिति कैसी भी हों, वह लोगों की सहायता और मदद-सेवा कार्य का रास्ता खोज ही लेते हैं। जब देश और दुनिया में कई महीने से कोरोना महामारी का संकट चल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के लोगों से एकजुट होकर इस वैश्विक महामारी से मुकाबला करने की बात कह रहे हों तो कौन देशवासी भला इसमें पीछे रह सकता है। ऐसे ही एक शख्स हैं सहारनपुर के विशेष लोक अभियोजन मनोज पंडित जो पिछले 61 दिनों से फ्रंट लाइन के कोरोना वॉरियर्स, जरूरतमंदों, सफाईकर्मी, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों, मीडियाकर्मियों के हौसले और काम का अभिनंदन कर रहे हैं।

एक अप्रैल से कर रहे हैं सेवा कार्य
विशेष लोक अभियोजन मनोज पंडित कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन में पिछले एक अप्रैल से लगातार जरूरतमंदों, असहायों, श्रमिकों को भोजन कराने और उनकी मदद करने के साथ फ्रंट लाइन के कोरोना योद्धाओं और अन्य कोरोना योद्धाओं को चाय-नाश्ता आदि की व्यवस्था करने के साथ उनको पटका और फूल-माला पहनाकर सम्मानित कर रहे हैं।

रोजाना सुबह दस से सात बजे तक देते हैं समय
मनोज पंडित लॉकडाउन में जिले भर में नगर से देहात तक के क्षेत्रों में घर पर तैयार किया हुआ नाश्ता-चाय आदि सामान लेकर रोजाना सुबह 10 से 11 बजे के बीच अपनी मोटर साइकिल से साथियों के साथ निकलते हैं। इसके बाद वे उस क्षेत्र के रास्ते में पुलिस थाना, चौकी, चेकपोस्ट, बैंक और मीडिया के कर्मियों को चाय-नाश्ता कराने के साथ उन्हें पटका और माला पहनाकर स्वागत करते हैं। साथ ही उनके हौसले और कार्य को सराहते हैं।

फ्रंट लाइन के कोरोना वॉरियर्स से मिली प्रेरणा
मनोज पंडित का कहना है कि जब यह संकट देश में आया तो उन्हें भी लगा वह इसमें अपनी सेवा कैसे दे सकते हैं। यह सवाल उनके मन में कई दिनों से तैर रहा था। फिर कोरोना वायरस के खतरे के बीच चिकित्सकों का सेवा भाव और हिम्मत ने उन्हें प्रेरणा दी। लेकिन वह अपने परिवार के सामने यह कहने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। अंतत: एक दिन उन्होंने पक्का इरादा कर अपनी इच्छा परिवार के सामने रख दी तो उनका परिवार भी इस कार्य के लिये सहर्ष तैयार हो गया और खुद भी उनकी मदद करने की बात कही। फिर क्या था वे एक अप्रैल से इस सेवा कार्य में लग गए और पिछले 61 दिन से वह फ्रंट लाइन के कोरोना योद्धाओं के साथ कोरोना की जंग लड़ रहे अन्य वॉरियर्स की अपने तरीके से मदद कर उन्हें सम्मानित कर रहे हैं। यही नहीं वह जानवरों का भी ख्याल रखते हैं। उन्हें कुछ न कुछ खिलाते रहते हैं। विशेष लोक अभियोजन मनोज पंडित बताते हैं कि वह एक दिन में दो से ढाई सौ किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से जिले में सफर कर जरूरतमंदों तथा कोरोना वॉरियर्स की सेवा और उनका सहयोग करते हैं। वह कई बार उत्तराखंड की सीमा तक भी लोगों को मदद पहुंचा चुके हैं।

पत्नी और बच्चे करते हैं मदद
नाश्ता-चाय बनाने में पत्नी ज्योति पंडित और दोनों पुत्र अनन्य व अर्चित पंडित न केवल उनकी सेवा कार्य में मदद करते हैं अपितु उन्होंने अपनी खुद की बचत की हुई धनराशि भी उन्हें दे दी। जबकि उनको खुद तब एक महीने का वेतन नहीं मिला था।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर रहे हैं प्रशंसा
विशेष लोक अभियोजन मनोज पंडित के इस कार्य की जनपद के जनप्रतिनिधि ही नहीं पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी खूब प्रशंसा कर रहे हैं। मेयर हों, विधायक हों, पूर्व सांसद हों या फिर आम लोग। सभी उनके इस सेवा कार्य की सराहना कर रहे हैं।

कूट-कूट कर भरा है सेवा कार्य का जज्बा
विशेष लोक अभियोजन मनोज पंडित वैसे तो बचपन से ही समाज सेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) के स्वयंसेवक होने के नाते उनमें सेवा कार्य का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। सहारनपुर में विशेष लोक अभियोजन होने के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं। वह अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के महामंत्री भी हैं।

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