Action India
अन्य राज्य

जब प्रवासियों को मिले काम तो खिल उठे चेहरे, बोले योगी जी आवें बारम्बार

जब प्रवासियों को मिले काम तो खिल उठे चेहरे, बोले योगी जी आवें बारम्बार
X

प्रयागराज । एएनएन (Action News Network)

कोरोना महामारी में हजारों किमी पैदल चलकर गांव पहुंचे प्रवासियों में योगी सरकार के प्रति आस जगी है। इस महामारी में बेरोजगार हो चुके मजदूरों को जब मनरेगा के तहत काम मिल रहा है तो उनके चेहरे खिल जा रहे है। वे अपने खुशी का इजहार करते-करते मुख्यमंत्री योगी की सरकार बारम्बार आने की दुहाई देते हुए प्रशंसा कर रहे हैं। मजदूरों ने कहा कि अगर 'ऐसे ही काम मिलते रहें तो दिल्ली-मुम्बई नहीं जाना पड़ेगा।

प्रयागराज के कोरांव तहसील में जिला प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों को काम देने के लिए बेलन नहर से निकलने वाले कैंदी माइनर की सफाई के लिए अभियान शुरू कर दिया है। जिसमें मुम्बई, दिल्ली, तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से गांव पहुंचे प्रवासी मजदूरों को काम दिया जा रहा है। इस कार्य में नहर के आस-पास के गांव में पहुंचे मजदूरों को सफाई के कार्य में लगाया गया है।

मनरेगा के तहत सोरांव,कोरांव,बारा, हण्डिया,करछना, फूलपुर तहसील क्षेत्र में बाहर से लौटे मजदूरों को काम मिल रहा है। फूलपुर तहसील के धमौर, सतनापुर, मधवापुर, बहरिया, कालूपुर, सराय मदन, कहली, सहित कई गांवों में मनरेगा के तहत बाहर से आने वाले मजदूर काम कर रहें है। ग्राम प्रधान राम चन्द्रर यादव ने बताया कि मनरेगा के तहत गांव में नाली की खुदाई, इण्टर लाकिंग का भी काम कराया जा रहा है। जिसके तहत गांव के कई मजदूर काम कर रहें है। लेकिन कुछ ऐसे भी युवा हैं जो ऐसे काम को नहीं करना चाहते है। उन्हें शर्म आती है।

काम मिलने से प्रवासी मजदूर व किसान खुश

मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के चेहरे खिल उठे हैं। कहा, आमदनी का एक रास्ता मिल गया। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के किसान खुश है कि अब उनके खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। माइनरों की सफाई से पानी को आगे बढ़ने में आ रही समस्याएं दूर हो रही हैं।

दिल्ली से काम बन्द होने के बाद खाने के लिए परेशान होकर लौटे कौंधियारा के जारी बड़हा गांव निवासी राम सुचित पुत्र अर्जुन ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से पैदल चल रहे मजदूरों की दशा देखी नहीं गई और उनके आंसू पोछने के लिए आगे आए और 31 मार्च को बसों को चला दिया। जिससे मैं अपने शहर में पहुंचा। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में जांच कराने के बाद घर पैदल अपने साथियों संग पहुंचा। लगभग 20 दिन स्वत: परिवार वालों से दूर गांव में पेड़ के नीचे गुजारा, परिवार के लोग दूर से खाना दे देते थे। अब मैं घर में ही रहे रहा हूं। मनरेगा के तहत काम भी शुरू हो गया है।

जारी, कौधियारा सहित अन्य क्षेत्रों में माइनरों की सफाई के कार्य हो रहे हैं। अब मैंने निश्चय किया है यदि काम मिलता रहेगा तो मुझे दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। बेलन नहर खण्ड के अधिशासी अभियन्ता सुरेश यादव ने बताया कि कोरांव, करछना, बारा क्षेत्र में मनरेगा के तहत प्रवासी मजदूरों के माध्यम से माइनरों की सफाई शुरू कर दी गई। बाहर से आने वाले लोग काम में लगे हुए हैं। जिससे उनकी आमदनी होगी। माइनरों की सफाई से किसानों के खेंतों में पानी भी पहुंचेगा। इससे किसान भी काफी खुश हो रहे हैं।

Next Story
Share it