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सूरत से 1200 प्रवासियों को लेकर बरौनी पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन

सूरत से 1200 प्रवासियों को लेकर बरौनी पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
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बेगूसराय । एएनएन (Action News Network)

सरकारी पहल के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे प्रवासी लोगों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार की सुबह प्रवासियों को लेकर चौथी ट्रेन भी बरौनी जंक्शन पहुंच गई। गुजरात के सूरत से चली इस 22 बोगी वाले ट्रेन से बरौनी जंक्शन पर करीब 12 सौ यात्री उतरे हैं।बिहार के 30 से अधिक जिलों के इन यात्रियों की जंक्शन पर मौजूद 22 मेडिकल टीम द्वारा ग्रहण स्क्रीनिंग की जा रही है। उनके रिकॉर्ड रखे जा रहे हैं। स्क्रीनिंग के बाद बेगूसराय जिला के सभी प्रवासियों को बस के द्वारा उनके संबंधित प्रखंड मुख्यालय में भेजा जा रहा है। जहां की एक बार फिर स्वास्थ्य जांच के बाद सभी को डिग्निटी कीट देकर क्वारेन्टाइन में रखा जाएगा।

जबकि शेष जिलों के यात्रियों को स्क्रीनिंग के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से बस द्वारा उनके संबंधित जिलों में भेजा जा रहा है। प्रवासियों को बस से भेजने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है तथा मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। बस में सवार होने वाले सभी लोग निर्धारित जगह पर ही बस से उतरेंगे। रास्ते में उन्हें किसी हालत में उतरने नहीं दिया जाएगा, इसके लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

बरौनी जंक्शन पर श्रमिकों को लेकर आई इस श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने से पहले ही रेलवे और जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में थी। सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवान के साथ-साथ बिहार पुलिस के जवान कदम-कदम पर तैनात थे। बड़ी संख्या में अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया था। ट्रेन के रुकते ही स्टेशन पर मौजूद सुरक्षाबलों और अधिकारियों की मौजूदगी में एक-एक कर सभी यात्रियों को ट्रेन से उतारा गया।

इसके बाद टेंपरेचर चेक करने के साथ स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई, विशेष हिदायत दिया गया तथा नाश्ता-पानी उपलब्ध कराने के बाद सभी को क्रमवार तरीके से उनके संबंधित क्षेत्र के लिए निर्धारित बस तक पहुंचाया गया।इधर, सूरत से आए श्रमिकों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा घर वापसी में सुविधा की सभी घोषणा महज भाषण तक ही सीमित है। वहां से लेकर यहां आने तक काफी जलालत झेलनी पड़ी है। एक हजार रुपया लेने के बाद ही ट्रेन में सवार होने दिया गया है। बिहार सरकार ने बाहर रह रहे प्रवासियों को एक-एक हजार रुपया देने की घोषणा भी हवा-हवाई ही साबित हो गया है।

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