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चकरोड के निर्माण में प्रवासियों को काम से हटाया, मजदूरों ने की नारेबाजी

चकरोड के निर्माण में प्रवासियों को काम से हटाया, मजदूरों ने की नारेबाजी
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  • प्रवासियों ने कलेक्ट्रेट में ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रशासन से की शिकायत

हमीरपुर । एएनएन (Action News Network)

लॉकडाउन में गैर प्रांतों से आये प्रवासी मजदूरों को यहां काम के लाले पड़े है। ग्राम प्रधान भी प्रवासियों को कोई काम नहीं दे रहे है जिससे मजदूर परेशान है। मंगलवार को ग्राम प्रधान के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रवासियों ने हमीरपुर कलेक्ट्रेट आकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को इस मामले की सामूहिक रूप से शिकायत कर काम मांगा। कुरारा क्षेत्र के ब्रम्हनपुर गांव के बृजेश, महेन्द्र सिंह, रोहित कुमार, राजेश, राम जीवन, शिव प्रसाद, रामदास, चरन सिंह, पुत्तू, देव सिंह, अमर सिंह, राज बहादुर, संजय कुमार, प्रेम नारायन समेत तमाम मजदूरों ने अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासभा के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुये बताया कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर किये गये लाँक डाउन के दौरान बाहर से गांव लौटकर आये लेकिन यहां भी कोई काम नहीं मिल रहा है।

प्रवासियों ने बताया कि मनरेगा में ग्राम प्रधान से काम मांगा तो उसने गांव की राजनीति के चलते मजदूरी कराने से साफ मना कर दिया। ब्रम्हनपुर-कुतुबपुर के पास चकरोड के निर्माण में काम करने के लिये सचिव से काम मांगा तो उसने सभी को काम दिया। लेकिन जानकारी होते ही ग्राम प्रधान ने काम रुकवा दिया जिससे मजदूर घर बैठ गये। प्रवासियों ने आरोप लगाया कि दस दिनों तक मजदूरी चकरोड के निर्माण में करायी गयी लेकिन अभी तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। प्रवासियों ने जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत कर जांच कराने की मांग की।

क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी राम सिंह ने बताया कि ब्रम्हनपुर-कुतुबपुर के बीच चकरोड के निर्माण के लिये गांव में मुनादी करायी गयी थी कि जो प्रवासी काम करना चाहे तो यहां काम करे। मजदूरों को मजदूरी का भुगतान भी आनलाइन खाते में करने की भी व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी होने के बाद ही गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराया गया है। लेकिन कुछ लोग इसमें राजनीति कर रहे है। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि प्रवासियों को काम दिया जा रहा है फिर भी इस मामले को लेकर फिर से सचिव और प्रधान से बात की जायेगी।
बता दे कि इससे पहले सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा गांव में भी तमाम मजदूरों को सड़क खुदाई का भुगतान नहीं किये जाने की शिकायतें आयी है। मजदूरों के नाम पर फर्जी लाखों रुपये की धनराशि भी निकाले जाने के आरोप मजदूरों ने लगाये है।

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