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पूर्णबन्दी : चलती रहीं मिलें, 05 करोड़ कुंतल अधिक गन्ना पेरा

पूर्णबन्दी : चलती रहीं मिलें, 05 करोड़ कुंतल अधिक गन्ना पेरा
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गोरखपुर । एएनएन (Action News Network)

कोरोना वायरस के खौफ़ से पूर्णबन्दी के दौर से गुजर रहे देश की सभी उत्पादन इकाइयों में तालाबंद है। उत्पादन कार्य ठप्प हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश की 119 चीनी मिलों ने पेराई कार्य जारी रख गन्ना किसानों के जीवन में मिठास घोला है। यही वजह की पिछले वर्ष की तुलना में इस पेराई सत्र में 100 करोड़ 29 लाख कुंतल गन्ने की रिकार्ड पेराई हुई है। यह पिछले वर्ष से तकरीबन 05 करोड़ कुंतल अधिक है।

चीनी उद्योग, उत्तर प्रदेश की रीढ़ है। 23 करोड़ आबादी वाले इस राज्य के 42 जिलों के 48 लाख से ज्यादा किसान गन्ने की खेती से सीधे जुड़े हैं। शायद यही वजह की प्रदेश सरकार गन्ना को लेकर इतना संजीदा रही। किसानों को राहत और मजदूरों को रोजगार देने का एक साथ कार्य हुआ। चीनी मिलों के लिए भी यह राहत भरा कदम रहा। आंकड़ों के मुताबिक अब तक प्रदेश में 105 करोड़ 65 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की जा चुकी है। इतना ही नहीं, ईतनी पेराई से अब तक 292.65 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन भी हुआ है।

बता दें कि पिछले पेराई सत्र में यह महज 100 करोड़ 29 लाख कुंतल गन्ने का हुआ था। अब तक हुई यह पेराई का आंकड़ा बता रहा है कि पूर्णबन्दी के दौर में भी योगी सरकार ने गन्ना किसानों की चिंता की है और उनके जीवन में सुखमय आनंद के क्षण को आरोपित किया है।

बोले प्रमुख सचिव
गन्ना प्रमुख सचिव व गन्ना विकास विभाग संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक पूर्णबन्दी के दौरान भी चीनी मिलें चलने से किसानों को राहत मिली। चीनी उत्पादन भी अच्छा रहा। आर्थिक आघात के इस दौर में भी गन्ना किसानों की चिंता की गई।

चीनी मिल मजदूर बेरोजगार हुए न छिलाई में जुटे
पूर्णबन्दी के दौर में देश और राज्य के विभिन्न उद्योगों में बेरोजगारी की समस्या रही। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग ने 72 हजार 424 कार्यरत मजदूरों को रोजगार देने का कार्य जारी रखा। इसके अलावा गन्ना छिलाई में 10 लाख मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया गया। यह कार्य अभी जारी है। सीतापुर की बिसवां स्थित चीनी मिल जैसी कुछ और चीनी मिलें अभी पेराई में जुटीं हैं।

पूर्णबन्दी में उत्पादन करने वाला बना पहला राज्य
यह देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां पूर्णबन्दी में भी चीनी उत्पादन होता रहा। 119 चीनी मिलें लगातार चलती रहीं। तकरीबन लाखों मजदूर रोजगार से जुड़े रहे।

चीनी बिक्री न होने पर भी जारी रहा भुगतान
पूर्णबन्दी की वजह से देश के अन्य स्थलों पर भेजी जाने वाली चीनी की बिक्री ठप्प रही। बावजूद इसके गन्ना किसानों को उनके मूल्य का भुगतान होता रहा है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की समस्या नहीं उत्पन्न हुई।

चुनौती थी चीनी मिलों में पेराई : सुरेश राणा
गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि पूर्णबन्दी के दौरान 119 चीनी मिलों को चलाना बड़ी चुनौती थी। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तकरीबन डेढ़ लाख श्रमिकों और 48 लाख किसानों की चिंता की गई। परिणाम सामने है। उत्तर प्रदेश में पिछले साल की तुलना में 05 करोड़ कुंतल से अधिक गन्ने की पेराई की जा चुकी है। इस बार भी उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन करने में सफल रहा है।

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