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मनरेगा से किसानों की समस्या खत्म होने की उम्मीद

मनरेगा से किसानों की समस्या खत्म होने की उम्मीद
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ऋषिकेश । एएनएन (Action News Network)

ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर न्याय पंचायत की ग्रामसभा खदरी खड़क माफ में मनरेगा अंतर्गत लम्बित कार्यों की शुरुआत के साथ ही किसानों की समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद जगी है। खादर क्षेत्र अपनी उपजाऊ भूमि के लिए जाना जाता है। मगर टूटी हुई नालियों और मलबा भरी गूल के कारण किसानों को पानी की किल्लत थी। पंचायत ने गूल निर्माण संबंधी प्रस्ताव जिला विकास अधिकारी को प्रेषित किया था। इसे मनरेगा अंतर्गत संस्तुति मिल चुकी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीकांत रतूड़ी ने बताया कि ग्राम पंचायत खदरी खड़क माफ ने मनरेगा अंतर्गत 215 मानव दिवसों में मनरेगाकर्मियों ने लगभग छह सौ मीटर लम्बी गूल की सफाई की है।

गूल का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और पंचायत प्रतिनिधि के रूप में कार्यों की समीक्षा कर रहे शान्ति प्रसाद थपलियाल ने बताया कि गूल की सफाई के साथ ही खादर क्षेत्र के किसानों ने धान की बुआई शुरू की है। बंगाले नाले से खादर के खेतों की ओर आठ सौ मीटर गूल मनरेगा के तहत बननी है। इसमें कुल 3297 मानव दिवस लगने संभावित हैं। स्थानीय कृषक और समाजसेवी विनोद जुगलान ने बताया कि पानी की सबसे अधिक किल्लत खादर के 22 बीघा क्षेत्र के किसानों को झेलनी पड़ती है।

यह खादर का सीमान्त क्षेत्र है। यहा न केवल अधिकतर नालियां जर्जर होकर टूट चुकी हैं बल्कि लम्बी दूरी के कारण यहां सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। सीमान्त क्षेत्र होने के कारण वन्य जीवों से सर्वाधिक फसल के नुकसान होने के कारण किसानों को हर साल आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है।फलस्वरूप 22 बीघा के अधिकतर किसान खेत बंजर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।किसानों को मुआवजे के लिए तहसील से लेकर वन विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की समस्याओं का यदि शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो अधिकतर किसान खेती से विमुख हो जाएंगे।

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