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भोजपुर में दिल्ली से आए युवक ने तीन सौ लोगों को खिलाया रसगुल्ला, अब कोरोना पॉजिटिव होने पर उड़ी प्रशासन की नींद

भोजपुर में  दिल्ली से आए युवक ने तीन सौ लोगों को खिलाया     रसगुल्ला, अब कोरोना पॉजिटिव होने पर  उड़ी प्रशासन की नींद
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आरा । एएनएन (Action News Network)

बिहार के बाहर से भोजपुर आने वाले लोगोंं के स्वाब सैम्पल लेकर रिपोर्ट आने के इंतजार में होम क्वारेंटाइन की सलाह देकर घर भेज देना स्वास्थ्य विभाग के गले की हड्डी बनने लगा है। आरा के भलुहीपुर वार्ड की एक 20 वर्षीय युवती के सैंपल लेकर जांच के भेजे जाने के साथ होम क्वारेंटाइन की सलाह देकर घर भेजे जाने का नतीजा हुआ कि रिपोर्ट आने और युवती के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बीच दो दिनों के भीतर युवती के संपर्क में आकर उसके भाई,चचेरे भाई सहित परिवार के कुल चार लोग कोरोना की चपेट में आ गए।

ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसमेंं स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चूक हुई है । यह चूक सैकड़ोंं लोगोंं को भोजपुर में कोरोना की चपेट में ला सकती है। दिल्ली से कार पर सवार होकर जगदीशपुर प्रखण्ड की ककीला पंचायत के दीयुल गांव का एक 25 वर्षीय युवक परिवार के अलावा कुल आठ लोगोंं के साथ जिले में आया था।भोजपुर पहुंचने के पूर्व रोहतास के चार लोग दिनारा में उतर गए थे।

परिवार के साथ आरा पहुंचने पर जांच केंद्र में सभी के स्वाब का सैम्पल लेकर स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह देकर भेज दिया। स्वाब का सैम्पल देने के बाद दिल्ली से आये युवक अपने जगदीशपुर के दीयुल गांव न जाकर परिवार सहित अपनी ससुराल चला गया।
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखण्ड के वंशीपुर गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचने के बाद युवक सैकड़ोंं लोगोंं के संपर्क में आ गया। ससुराल में आयोजित एक श्राद्ध कर्म में शामिल हुआ और उसमें भोज में शामिल करीब तीन सौ से अधिक लोगोंं को रसगुल्ला परोसा। अब उस युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई है।

युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के साथ ही प्रशासनिक महकमेंं में हड़कम्प मच गया है। युवक के हाथों रसगुल्ला का स्वाद लेने वाले तीन सौ से अधिक लोग अब कोरोना संक्रमण के राडार पर आ गए हैं। बताया जाता है कि इस श्राद्ध कर्म में वंशीपुर गांव के आसपास से जुड़े करीब आठ - दस गांव के ग्रामीण शामिल हुए थे।युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक को उसकी ससुराल से लाकर जगदीशपुर के दुलार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर इलाज शुरू कर दिया है।उसके परिवार के कुल आठ लोगोंं को क्वारेंटाइन दिया गया है। कोरोना संक्रमित युवक की ससुराल वंशीपुर गांव और उसके गांव दीयुल को पूरी तरह सील कर सभी लोगोंं को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है।

युवक के संपर्क में आये सैकड़ोंं लोगोंं की खोज की जा रही है। इस युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद दोनों गांवों की तीन किलोमीटर की परिधि में आने वाले इलाकों को सील किया जा चुका है और प्रशासनिक चौकसी बढ़ा दी गई है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लॉक डाउन में श्राद्ध के दौरान तीन सौ से अधिक लोगोंं की भीड़ कैसे जुट गई। इस भीड़ के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्योंं नहींं की। लॉक डाउन में इस गांव में पहुंची इसी भीड़ के कारण कोरोना के बड़े पैमाने पर पांव पसारने की संभावना बढ़ गई है।
जब यह भीड़ जुटी तो पुलिस को भनक क्योंं नहींं लगी और गांव के चौकीदार ने इस भीड़ की सूचना थाना को क्योंं नहींं दी। दिल्ली से आए युवक के आरा में स्वाब सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम से युवक और अन्य सदस्यों को होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह देकर उसे घर जाने के लिए क्योंं भेज दिया।

पुलिस,प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की चूक ने भोजपुर जिले को कोरोना के बारूद पर खड़ा कर दिया है। अगर इस संक्रमित युवक के संपर्क में आए सैकड़ोंं लोगोंं मेंं से कुछ को भी कोरोना का संक्रमण हुआ तो जिले की स्थिति भयावह हो सकती है। फिलहाल भोजपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 18 तक पहुंच गई है और आंकड़े यहां तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को बाहर से आने वालों की जांच कर होम क्वारेंटाइन के लिए घर भेजे जाने की बजाय जांच रिपोर्ट आने तक अपनी निगरानी में रखा जाय तो कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने को ले जारी जंग कमजोर पड़ सकती है।

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