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कारीगरों के लिए भी घोषित किया जाये राहत पैकेज : मुक्ति

जम्मू । एएनएन (Action News Network)

कारीगरों और ग्रामीण महिलाओं के कल्याण के लिए काम कर रहे गैर सरकारी संगठन मुक्ति ने गुरूवार को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू से आग्रह किया कि सभी पंजीकृत कारीगरों के लिए एक वित्तीय पैकेज घोषित किया जाये। संगठन ने कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के चलते जारी देशव्यापी लॉकडाउन के कारण इनकी जीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। यूटी प्रशासन और जम्मू-कश्मीर सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से इस संदर्भ में आग्रह करते हुए संगठन ने सरकार से सभी पंजीकृत कारीगरों को न्यूनतम दैनिक मजदूरी प्रदान करने के लिए कहा।

जैसा कुशल श्रमिकों के मामले में लॉकडाउन अवधि के लिए लागू किया गया है उसी तरह से इनमें मामले में भी किया जाना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान यह कारीगर अपने उत्पादों के उत्पादन को जारी रखने के लिए बाजार से कच्चा माल प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं और बाजार बंद होने के कारण न ही अपने तैयार उत्पादों को बेचने में सक्षम हैं। इसलिए उनको आर्थिक राहत देने की आवश्यकता है।संगठन ने कहा कि इन ग्रामीण कारीगरों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अधिकांश कारीगरों की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं हैं।

अधिवक्ताओं, किसानों, मजदूरों के लिए राहत पैकेज की तर्ज पर इसी तरह का वित्तीय पैकेज ग्रामीण महिलाओं और पंजीकृत कारीगरों के लिए घोषित किया जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि जम्मू-कश्मीर सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 2.50 लाख कारीगर हैं जो अपनी आजीविका के लिए हस्तशिल्प से सीधे जुड़े हुए हैं।

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