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अंतर्जनपदीय सीमाएं सील, मजदूरों को नदी पार करने से भी गुरेज नहीं

अंतर्जनपदीय सीमाएं सील, मजदूरों को नदी पार करने से भी गुरेज नहीं
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  • घर पहुंचने के लिए नदी पार करके जान जोखिम में डाल रहे हैं लोग

फतेहपुर। एएनएन (Action News Network)

कोरोना वायरस की महामारी का संक्रमण रोकने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित लॉक डाउन के चलते दिहाड़ी मजदूर अपने घरों की तरह पलायन कर रहे हैं। पलायन होकर आ रहे मजदूरों की वजह से संक्रमण के भय को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को जिले की सीमाएं सील कर दी लेकिन दिहाड़ी मजदूरों के सामने हर हाल में घर पहुंचने की मजबूरी है। इसी के चलते सोमवार को जनपद सीमा में जब उन्हें रोका गया तो वे गंगा नदी पार करके जिले की सीमा में प्रवेश करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।

जिलाधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने पलायन करके आने वाले दिहाड़ी मजदूरों को रोकने के लिए जिले की सभी सीमाएं आज सील कर दी। कानपुर की तरफ से डीसीएम में आ रहे एक सैकड़ा मजदूरों को रोककर जब सीमा से वापस कर दिया गया तो मजदूरों की घर जाने की बेबसी व बेचैनी ने कुछ भी करने को विवश कर दिया। मजदूर रामधीन कुरील ने बताया कि छिवली नदी की सीमा पर जब हम लोगों को घुसने नहीं दिया गया तो हम लोग छिवली नदी के किनारे-किनारे चल दिए और जहां नदी का पाट कम गहरा दिखाई दिया वहां से निकलने के लिए कपड़े उतारे और नदी में उतर गए। इस दौरान हम लोगों ने एक-दूसरे को नदी पार करते हुए चैन की तरह पकड़े रखा। अब हम किसी तरह नदी पार कर अपने घर जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं, जो भी होगा देखा जायेगा। घर तो हर हाल में पहुंचना ही है।

पलायन न बन जाए समस्या

प्रशासन ने कोरोना के संक्रमण को रोकने एहतियातन हर संभव कदम उठाए हैं। इस बीच बेरोजगार दिहाड़ी मजदूर भी बेबस हैं। वह इस लॉकडाउन में अपना गुजर बसर कैसे करें, इसी पशोपेश में वह अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन उसके लिए बाधाएं बहुत हैं। अब हर बाधा को पार करना उनकी बेबसी व मजबूरी है जिसका समाधान सरकार व प्रशासन को खोजना होगा, अन्यथा यह पलायन बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।

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