Top
Action India

हिमाचल की  सबसे बड़ी प्राकृतिक झील रेणुकाजी को मिली संजीवनी, लौटा प्राकृतिक सौंदर्य 

नाहन । एएनएन (Action News Network)

देश सहित प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉकडाउन चला हुआ है और सरकारी निर्देशों की अनुपालना में लोग घरों में रह रहे हैं। सीमित वाहन चल रहे हैं। इस सबका प्रकृति पर भी अनूठा प्रभाव देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक नारी आकार पवित्र झील श्री रेणुकाजी में पानी निर्मल हो रहा है आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ गया है। झील व परशराम तालाब में मछलियां, कछुए आदि आसानी से देखे जा सकते हैं।

सिरमौर जिला के प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल श्री रेणुका जी में बह रही गिरी नदी स्वच्छ व् निर्मल दिखाई पड़ने लगी है। साथ ही पानी के चश्मों को भी जैसे जीवनदान मिला है। यह स्थान भगवान परशुराम और माता रेणुका के मिलन के रूप में जाना जाता है। प्रतिदिन सैंकड़ों लोग यहाँ पहुंचते थे मगर लॉकडाउन के चलते अब यहाँ केवल प्रकृति ही है और प्रकृति के इस रूप के देखकर स्थानीय लोग भी बहुत प्रसन्न दिखाई पद रहे हैं। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने बताया कि इस दिनों लॉकडाउन के चलते पवित्र रेणुका झील, गिरी नदी व् पारम्परिक जल स्रोत्रों को जैसे जीवन दान मिला है। यहाँ पर झील सहित सभी स्थल निर्मल हो गए हैं। वन्य प्राणी विभाग अधिकारी रेणुका देवेंद्र कुंडलस ने बताया कि इससे पूर्व इतना मनोरम दृश्य यहाँ नहीं था अब जल स्वच्छ हो चूका है वन्य प्राणी भी इसका भरपूर आनंद ले रहे हैं।

उधर स्थानीय लोगो ने बताया कि रेणुकाजी उनकी रक्षक हैं और लॉकडाउन के दौरान यह स्थान अत्यंत मनोरम हो गया है और रेणुका झील, भगवान परशुराम तालाब, गिरी नदी सभी सुंदर व स्वच्छ हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि सिरमौर जिला के श्री रेणुकाजी में दूर दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते जहाँ यह स्थान अत्यंत दर्शनीय हो गया है। वहीं इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ा है। आज जल में घूमते कछुए, मछलियां आदि आसानी से दिखाई पड़ने लगे हैं।

Next Story
Share it