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मुंबई हमले की बरसी पर विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर विरोध पत्र सौंपा

मुंबई हमले की बरसी पर विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर विरोध पत्र सौंपा
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नई दिल्ली। एक्शन इंडिया न्यूज़

मुंबई आतंकी हमले की 13वीं बरसी पर विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर विरोध व्यक्त किया तथा इस हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को कानून के कटघरे में खड़े करने का आग्रह किया।

पाकिस्तान से कहा गया कि वह इस नृशंस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तेजी से कार्रवाई करे। पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में भारत विरोधी आतंकवाद को अनुमति नहीं देने के वादे को पूरा करे।विरोध पत्र में कहा गया कि दुख की बात है कि आतंकी हमले के 13 वर्ष के बाद भी 15 देशों के 166 लोगों के परिजन अभी तक न्याय की प्रतिक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान देषियों को दंडित कराने के लिए ईमानदारी से कोई प्रयास नहीं कर रहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि 26 नवंबर 2008 का मुंबई आतंकवादी हमले की साजिश पाकिस्तानी भूभाग में रची गई थी तथा वहीं से संचालित हुई थी। पाकिस्तान के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में स्वीकार किया था कि आतंकवादी पाकिस्तान से भेजे गए थे। मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा कि वह दोहरे मापदंड छोड़कर आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। ऐसा करना मृत निर्दोष नागरिकों के परिजनों के प्रति पाकिस्तान की जवाबदेही बनती है। साथ ही यह दुनिया के प्रति उसकी जिम्मेदारी भी है। भारत पीड़ित परिवारों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मुंबई हमले की बरसी पर देश-विदेश में आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और जाबांज सुरक्षाकर्मियों को याद किया गया। 14 देशों में स्थित भारतीय राजनयिक मिशनों में श्रद्धांजली सभाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मेजबान देशों की सरकारों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस स्मारक पर राज्य सरकार की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने अलग-अलग संदेशों में मृत लोगों के परिजनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की है।

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