Action India
अन्य राज्य

विद्याभारती के विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य के साथ ऑनलाइन प्रवेश शुरू

विद्याभारती के विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य के साथ ऑनलाइन प्रवेश शुरू
X

लखनऊ । एएनएन (Action News Network)

शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका से कार्य कर रहे विद्याभारती के विद्यालयों ने सेवा के साथ ही पठन-पाठन का कार्य शुरू कर दिया है। छात्रों को ई-लर्निंग ऐप के जरिये ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। छात्रों को पढ़ाने के लिए विद्याभारती के विद्यालयों में सभी आचार्यो ने विषयश: ग्रुप बनाये हुये हैं। इस ग्रुप के जरिये आचार्य पाठ्यक्रम छात्रों को भेज रहे हैं तथा विद्यालय की ओर से वेबसाइड व यूट्यूब पर कक्षा सह पाठ्यक्रम डाला जा रहा है।

आचार्य 'गुरूशाला ऐप' पर कर रहे अध्ययन
विद्याभारती ने आचार्यो को प्रशिक्षण देने के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है, जिसे 'गुरूशाला ऐप' के नाम से जाना जाता है। इस ऐप में करीब 350 विद्यालयों के 807 आचार्य अध्ययन कर रहे हैं। इसके अलावा छात्रों की पढ़ाई कोरोना से प्रभावित न हो इसके लिए वाट्सएप के माध्यम से भी आचार्य शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ई-पाठशाला की सामग्री विद्यालयों द्वारा भेजी जा रही है।

विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण शुरू
विद्याभारती के पूर्वी उप्र क्षेत्र के संगठन मंत्री हेमचन्द्र ने बताया कि प्रदेश के करीब 350 विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण व प्रवेश कार्य शुरू हो चुका है। अवध प्रान्त में जन शिक्षा समिति की ओर से करीब 130 विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। प्रदेश निरीक्षण राजेन्द्र यादव ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि लर्निंग विद वोडाफोन द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में कुल 46 आचार्यो ने सहभाग किया, जिसमें 15 आचार्य सक्रियता से कार्य कर रहे हैं।

शिक्षण के साथ प्रवेश प्रक्रिया शुरू
विद्याभारती के विद्यालयों ने जहां ई-पाठशाला शुरू किया है, वहीं छात्रों की आगामी कक्षाएं प्रभावित न हो, इसके लिए प्रवेश फार्म भी विद्यालय की वेबसाइड पर ऑनलाइन डाला जा रहा है। राजेन्द्र यादव ने बताया कि अम्बेडकर नगर के जय बजरंगबली इण्टर कॉलेज, लखीमपुर के पं.दीनदयाल उपाध्याय इण्टर कॉलेज, लखनऊ के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज समेत कई विद्यालयों ने अपने वेवसाइड पर प्रवेश फार्म डाल दिये हैं, जबकि छह विद्यालय ने ऑनलाइन प्रवेश प्रारम्भ कर दिया है।

बताया कि प्रवेश फार्म के साथ बैंक का विवरण भी दिया जा रहा है। जिसके आधार पर अभिभावक शुल्क सीधे बैंक में जमा कर रहे हैं। बताया कि शेष विद्यालयों को भी आग्रह किया गया है। प्रधानाचार्य एवं आचार्य बन्धु छात्र एवं अभिभावक से दूरभाष के माध्यम से नये एवं पुराने छात्रों से प्रवेश हेतु सम्पर्क कर रहे हैंं।

विद्याभारती ने तैयार किया अपना 'ऐप'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाला शै​क्षणिक संगठन विद्याभारती ने आचार्यो और छात्रों को ई-शिक्षण के ​जरिये शिक्षा देने के लिए अपना एक ऐप का ईजाद किया है, जिसका नाम 'विद्याभारती एल.एम.एस.ऐप' दिया है। क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र ने बताया ​कि इस ऐप का इस्तेमाल प्रदेश के 279 विद्यालयों ने शुरू कर दिया है। जिसे 2,885 आचार्य तथा 32,936 छात्रों ने डाउनलोड कर लिया है। जबकि अवध प्रान्त के 12 विद्यालय प्रयोग कर रहे हैं।

बताया कि इसके साथ ई-पाठशाला भोपाल द्वारा भेजी जा रही सामग्री का उपयोग भी करीब 350 विद्यालय कर रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षण के लिए विषयाचार्यो द्वारा वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लिखित कार्य छात्रों को दिया जा रहा है। विद्यालयों द्वारा कक्षा शिक्षण का विडियो क्लिप भी भेजी जा रही है। बताया कि जो विद्यालय ऑनलाइन शिक्षण नहीं करा पा रहे हैं, वहां के आचार्य दूरभाष के माध्यम छात्रों व अभिभावकों से सम्पर्क कर रहे हैं।

नई तकनीकि अपनाने को आचार्यो का मानस तैयार
बताया कि आगामी मोबाईल एवं वाट्सएप द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभाग कराकर प्रशिक्षण देने की योजना है जैसे-गुरूशाला प्रशिक्षण, ई-पाठशाला आदि। उनकी मानें तो आचार्यो द्वारा उत्साह के साथ नई तकनीकी अपनाई जा रही है। वाट्सएप, फेसबुक, यू-टृयूब के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण कार्य हो रहा है। नई तकनीकि अपनाने के लिए आचार्यो का मानस सराहनीय है, वे उत्सुक भी हैं।

फीस बिना कैसे चलेंगे वित्तविहिन विद्यालय
प्रदेश निरीक्षक राजेन्द्र यादव ने कहा कि इस कोरोना महामारी में पूरा देश सरकार के साथ है, लेकिन वित्तविहिन विद्यालय वगैर फीस के कैसे चलेंगे। जो अभिभावक फीस देने की स्थिति में हैं उन्हें देना चाहिए। कहा कि लॉकडाउन के समय का भी फीस मिलनी चाहिए। कहा कि विद्याभारती से जुड़े आचार्य प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत समस्याओं की जानकारी लेकर उसका निदान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

Next Story
Share it