
ऑपरेशन सिंदूर से विश्वास तक: गरीबों को 4 करोड़ घर — राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण में प्रमुख संदेश
नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।
उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।
संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’
पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख
उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है।
हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा
मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।'
आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों?
नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।



